लखनऊ में भी नगर निगम 186 करोड़ रुपए की लागत से मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (सीएम ग्रिड) योजना के तहत सड़कों को संवार रहा है। हालांकि, यहां निर्माण से लेकर रखरखाव तक में लापरवाही बरती जा रही है। निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों और पर्यावरण संरक्षण के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। कुछ जगहों पर सड़क-फुटपाथ निर्माण के बाद निजी अस्पताल और दुकानों का अतिक्रमण हो गया है। सीएम ग्रीड के तहत बनी सड़क-फुटपाथ को पार्किंग स्थल बना दिया गया है। यह हालत गोमतीनगर के विभूति खंड से लेकर कपूरथला तक है। नगर निगम के अधिकारी कागजों में मानक और क्वालिटी का ध्यान रख रहे हैं, जबकि ग्राउंड पर अधिकारी और ठेकादार की मनमर्जी चल रही। पढ़िए रिपोर्ट… पहले 3 तस्वीरें देखिए… विभूति खंड में सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ लखनऊ के विभूतिखंड इलाके में सड़क किनारे बैरियर लगाने और धूल को रोकने के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। निर्माण के दौरान बाहर निकली सरिया के ऊपर टिन शेड रख उठा है। गहरे बने गड्ढों के लिए कोई सुरक्षा के उपाय नहीं है। वाहनों की आवाजाही भी लगातार जारी है। लोग पैदल भी आवाजाही करते हैं। रात के समय में सड़क पर अंधेरा भी रहता है। हादसे का डर बना हुआ है। सड़क पर खुले में पड़ी मिट्टी और बालू लगातार उड़ता रहता है। पूरे निर्माण क्षेत्र में धूल रोकने के कोई इंतजाम नहीं हैं। न ही नेट लगाई गई है, न ही नियमित तरीके से पानी का छिड़काव किया जाता है। अस्पताल और दुकानों ने किया अतिक्रमण, बनाई पार्किंग कपूरथला चौराहे से महानगर गोल मार्केट आवाजाही करने वाली सड़क पर भी सीएम ग्रिड पर के तहत काम हो रहा। यहां निजी अस्पताल संचालकों ने सीएम ग्रिड योजना के तहत हुए काम पर अतिक्रमण कर अवैध तरीके से पार्किंग संचालित कर रहे हैं। बड़े शोरूम संचालकों और कई दुकानदारों ने भी यही हाल सड़क का कर रखा है। इससे सुंदरीकरण और स्मार्ट सड़क बनाने का दावा सिर्फ कागजों तक सीमित हो रहा है। यहां पर अतिक्रमण होने के चलते फुटपाथ पर चलने में दिक्कत होगी। कपूरथला चौराहे से नगर निगम के जोन 3 के पुराने ऑफिस वाली सड़क पर कब्जा है। सहारा वाली बिल्डिंग से लेकर प्रगति बाजार तक फुटपाथ नजर ही नहीं आता है। कपूरथला चौराहे के पास फुटपाथ को खोदकर नया बनाया गया है। दुकानों पर आने वाले ग्राहक सड़क और कुछ फुटपाथ पर वाहन खड़े करते हैं, जिससे समस्या बढ़ जाती है। इसी सड़क पर कोचिंग के सामने से विंध्याचल मंदिर जाने वाली सड़क के फुटपाथ पर भी अतिक्रमण है। अब पढ़िए लोगों ने जो कहा… लोग बोले- लापरवाही से हो रहीं दुर्घटनाएं अभिनव ने कहा कि एक महीने से अधिक समय से निर्माण कार्य चल रहा है। साइकिल से जब भी इधर आते हैं तो आंखों में धूल पड़ती है। कई बार लड़ने तक से बचा हूं। काम जल्दी होना चाहिए। सुरक्षा के लिहाज से बैरिकेडिंग भी लगानी चाहिए। दशरथ लाल कश्यप ने कहा कि करीब एक माह से काम चल रहा है। हवा चलती है तो धूल उड़ती है। हम लोग यही चाहते हैं कि निर्माण कार्य जल्दी से पूरा किया जाए। लापरवाही बरती जा रही है। इसे सुधारने की जरूरत है। नहीं तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है। अब पढ़िए क्या-क्या काम हो रहा है… टाइल्स के साथ लग रहे लैंप, बैठने की भी व्यवस्था उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (सीएम ग्रिड) योजना के तहत शहरों में आधुनिक, टिकाऊ और सुंदर सड़कें बनानी हैं। इसके तहत में यूटिलिटी डक्ट, भूमिगत बिजली तार, सौर ऊर्जा स्ट्रीट लाइट और बेहतर ड्रेनेज के साथ स्मार्ट सड़कें बनाई जा रही हैं, जो शहरी परिवहन को आसान बना रही हैं। सीएम ग्रिड योजना के तहत इन सड़कों के फुटपाथ को भी नए सिरे से तैयार किया गया है। इन पर टाइल्स और लोगों के बैठने के लिए बेंच लगाई गई हैं। आकर्षक लुक देने के लिए बीच-बीच में पिलर लगाए गए हैं। डिवाइडरों को तोड़कर फिर से बनाया गया है। इन पर नई स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। बीच में पौधे भी सजाए गए हैं, लेकिन अतिक्रमण और कब्जे से फुटपाथों की रौनक गायब हो रही है। नगर आयुक्त ने अतिक्रमण हटाने का दिया निर्देश नगर आयुक्त गौरव कुमार का कहना है कि जोनल अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने का निर्देश हैं। अन्य अधिकारियों का कहना है कि सीएम ग्रिड योजना की सड़कों पर पर नो वेंडिंग जोन का बोर्ड लगवाया जाएगा। यहां जो दुकानदार हैं, उन्हें दूसरे वेंडिंग जोन में भेजा जाएगा। नए वेंडिंग जोन के प्रस्ताव जोनल कार्यालयों की ओर से तैयार किए जा रहे हैं। वेंडिंग कमेटी की बैठक में इसे रखा जाएगा।


