बेगूसराय में राष्ट्रीय राजमार्ग 28 पर अवैध बालू खनन और उसके परिवहन से उत्पन्न धूल का गुबार यात्रियों के लिए गंभीर खतरा बन गया है। इस मार्ग पर बालू लदे टैंकरों के कारण सड़कों पर लगातार धूल उड़ती रहती है, जिससे दृश्यता कम हो जाती है और दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है। जानकारी के अनुसार, जीरो माइल, बरौनी, फुलवरिया, तेघड़ा और बछवाड़ा थाना क्षेत्रों से होकर दर्जनों सफेद बालू लदे टैंकर समस्तीपुर जिलों की ओर आसानी से गुजरते हैं। आरोप है कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कथित निष्क्रियता के कारण यह अवैध व्यापार तेजी से फल-फूल रहा है। सड़कों पर उड़ती धूल के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कम दृश्यता के कारण कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। यात्रियों का कहना है कि उन्हें अपनी जान जोखिम में डालकर इन मार्गों से गुजरना पड़ता है। एक संवाददाता ने शुक्रवार शाम जीरो माइल से बछवाड़ा तक यात्रा कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान सड़कों पर उड़ती धूल के कारण मोटरसाइकिल चलाना बेहद मुश्किल हो रहा था। कई अन्य दोपहिया और चारपहिया वाहनों की भी यही स्थिति थी, जहां बालू लदे टैंकरों के पीछे चलने से धूल का गुबार बन रहा था। बेगूसराय में राष्ट्रीय राजमार्ग 28 पर अवैध बालू खनन और उसके परिवहन से उत्पन्न धूल का गुबार यात्रियों के लिए गंभीर खतरा बन गया है। इस मार्ग पर बालू लदे टैंकरों के कारण सड़कों पर लगातार धूल उड़ती रहती है, जिससे दृश्यता कम हो जाती है और दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है। जानकारी के अनुसार, जीरो माइल, बरौनी, फुलवरिया, तेघड़ा और बछवाड़ा थाना क्षेत्रों से होकर दर्जनों सफेद बालू लदे टैंकर समस्तीपुर जिलों की ओर आसानी से गुजरते हैं। आरोप है कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कथित निष्क्रियता के कारण यह अवैध व्यापार तेजी से फल-फूल रहा है। सड़कों पर उड़ती धूल के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कम दृश्यता के कारण कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। यात्रियों का कहना है कि उन्हें अपनी जान जोखिम में डालकर इन मार्गों से गुजरना पड़ता है। एक संवाददाता ने शुक्रवार शाम जीरो माइल से बछवाड़ा तक यात्रा कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान सड़कों पर उड़ती धूल के कारण मोटरसाइकिल चलाना बेहद मुश्किल हो रहा था। कई अन्य दोपहिया और चारपहिया वाहनों की भी यही स्थिति थी, जहां बालू लदे टैंकरों के पीछे चलने से धूल का गुबार बन रहा था।


