जमुई के खैरा प्रखंड स्थित दाबील गांव में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया। तेज हवा के कारण बिजली का तार एक घर पर गिर गया, जिससे पूरा घर जलकर राख हो गया। इस घटना में करीब तीन लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। राहत की बात यह रही कि समय रहते घर के सभी सदस्य सुरक्षित बाहर निकल गए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। पीड़ित घर मालिक नंदकिशोर साह ने बताया कि उनके घर के ऊपर से गुजर रहा बिजली का तार वर्षों से बिना कवर के था। तेज हवा के कारण यह तार अचानक टूटकर उनकी झोपड़ी पर गिर गया, जिससे आग लग गई। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली विभाग को इसकी शिकायत कई बार की गई थी, लेकिन विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। घटना के समय घर में मौजूद लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। ग्रामीणों ने मिलकर आग बुझाने का प्रयास किया और कुछ ही समय में आग पर काबू पा लिया। समय पर आग बुझाए जाने से आसपास के खेतों और अन्य घरों तक आग फैलने से बच गई, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि योगेंद्र राम ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि विभाग को कई बार जर्जर और नंगे तारों की जानकारी दी गई थी, लेकिन विभाग की उदासीनता के कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने पीड़ित गरीब परिवार को उचित मुआवजा देने की भी मांग की है। इधर, मामले पर बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता संजीव कुमार ने पहले नंगे तार होने की बात से इनकार किया और कहा कि वहां कवरिंग तार लगा हुआ था। हालांकि, घटना का वीडियो देखने के बाद उन्होंने जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है और वे बिजली विभाग से शीघ्र उचित कदम उठाने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। जमुई के खैरा प्रखंड स्थित दाबील गांव में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया। तेज हवा के कारण बिजली का तार एक घर पर गिर गया, जिससे पूरा घर जलकर राख हो गया। इस घटना में करीब तीन लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। राहत की बात यह रही कि समय रहते घर के सभी सदस्य सुरक्षित बाहर निकल गए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। पीड़ित घर मालिक नंदकिशोर साह ने बताया कि उनके घर के ऊपर से गुजर रहा बिजली का तार वर्षों से बिना कवर के था। तेज हवा के कारण यह तार अचानक टूटकर उनकी झोपड़ी पर गिर गया, जिससे आग लग गई। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली विभाग को इसकी शिकायत कई बार की गई थी, लेकिन विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। घटना के समय घर में मौजूद लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। ग्रामीणों ने मिलकर आग बुझाने का प्रयास किया और कुछ ही समय में आग पर काबू पा लिया। समय पर आग बुझाए जाने से आसपास के खेतों और अन्य घरों तक आग फैलने से बच गई, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि योगेंद्र राम ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि विभाग को कई बार जर्जर और नंगे तारों की जानकारी दी गई थी, लेकिन विभाग की उदासीनता के कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने पीड़ित गरीब परिवार को उचित मुआवजा देने की भी मांग की है। इधर, मामले पर बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता संजीव कुमार ने पहले नंगे तार होने की बात से इनकार किया और कहा कि वहां कवरिंग तार लगा हुआ था। हालांकि, घटना का वीडियो देखने के बाद उन्होंने जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है और वे बिजली विभाग से शीघ्र उचित कदम उठाने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


