उमरिया जिले में चंद्र ग्रहण का असर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। सूतक काल के कारण मां बिरासिनी शक्तिपीठ मंदिर सहित जिले के अन्य प्रमुख मंदिरों के पट सुबह की पूजा-अर्चना के बाद बंद कर दिए गए हैं। ग्रहण और सूतक को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष सावधानी बरती जा रही है, जिसके चलते अधिकांश लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, सुबह की नियमित पूजा संपन्न होने के तुरंत बाद सूतक लगने पर मंदिर के पट बंद कर दिए गए थे। बिरसिंहपुर पाली निवासी विनय ने बताया कि सूतक काल के कारण मंदिर में दर्शन बंद हैं और श्रद्धालु घरों में रहकर ही पूजा-पाठ कर रहे हैं। यह परंपरा जिले भर में आस्था के साथ निभाई जा रही है। मंदिर के पुजारी अंकित ने जानकारी दी कि चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिर परिसर की विधि-विधान से साफ-सफाई की जाएगी। इसके पश्चात मां का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। इन अनुष्ठानों के पूरा होने के बाद ही श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के पट पुनः खोल दिए जाएंगे। ग्रहण समाप्ति के बाद शाम को आरती और दर्शन की विशेष व्यवस्था रहेगी, जिसके लिए भक्तों में उत्सुकता बनी हुई है। बंद मंदिरों की अन्य तस्वीरें…


