रीवा में ग्रामीण विकास कार्यों में लापरवाही बरतने वाले सरपंचों और सचिवों पर सख्ती का असर दिखने लगा है। जेल भेजने की कार्रवाई की चेतावनी के बाद भ्रष्ट सरपंच और सचिवों और अधिकारी-कर्मचारियों ने अब तक 91 लाख 8 हजार 865 रुपए सरकारी खजाने में जमा कराए हैं। यह राशि अधूरे निर्माण कार्यों को पूरा कराने में उपयोग की जा रही है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मेहताब सिंह गुर्जर ने मार्च 2025 से दिसंबर तक विशेष अभियान चलाकर ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान जिन सरपंचों और सचिवों ने समय पर राशि खर्च नहीं की और काम अधूरे छोड़े, उन्हें नोटिस जारी कर सुनवाई की गई। कई मामलों में जेल वारंट तक जारी किए गए। अभियान का नतीजा यह रहा कि सरपंच, सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, उपयंत्री और सहायक यंत्रियों ने डर के चलते लंबित राशि जमा करानी शुरू कर दी। वर्षों से अधूरे पड़े निर्माण कार्य अब तेजी से पूरे कराए जा रहे हैं। जनपद पंचायतवार वसूली इस प्रकार रही— रीवा: 1,23,495 रुपए रायपुर कर्चुलियान: 25,83,974 रुपए सिरमौर: 21,85,412 रुपए गंगेव: 5,79,839 रुपए जवा: 12,67,444 रुपए त्योंथर: 7,64,016 रुपए मऊगंज: 77,028 रुपए नईगढ़ी: 9,85,960 रुपए हनुमना: 5,41,697 रुपए मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने साफ कहा है कि ग्रामीण विकास के लिए आवंटित राशि का समय पर उपयोग कर तय समय सीमा में निर्माण कार्य पूरे किए जाएं, अन्यथा लापरवाही बरतने वालों पर आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


