मौसम में लगातार आ रहे बदलाव का सीधा असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। सुबह और शाम की कड़ाके की ठंड, जबकि दोपहर में तेज धूप, इस उतार-चढ़ाव ने बीमारियों का खतरा बढ़ा दिया है। अस्पतालों में सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा देखा जा रहा है। बीके में रोजाना 120 से ज्यादा OPD फरीदाबाद के जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना खांसी, जुकाम, बुखार से लेकर निमोनिया तक के मामले सामने आ रहे हैं। बच्चों के डाक्टर डॉ मोहित अग्रवाल ने बताया कि रोजाना 120 से ज्यादा ओपीडी आ रही है। इस मौमस की चपेट में खासकर बच्चे और बुजुर्ग इसकी चपेट में ज्यादा आ रहे हैं। लापरवाह दे रही नुकसान दिन में गर्मी महसूस होने पर लोग एहतियात छोड़ देते हैं, लेकिन शाम होते ही अचानक ठंड लगने से गले और फेफड़ों पर असर पड़ता है। यही कारण है कि छोटे बच्चों में सांस से जुड़ी दिक्कतें और बुजुर्गों में पुरानी बीमारियां दोबारा उभर रही हैं। इस समय सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। बच्चों को हल्के कपड़ों के बजाय मौसम के अनुसार परतों में कपड़े पहनाना चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें बदला जा सके। सुबह की सैर या शाम को बाहर निकलते समय गर्म कपड़े जरूर पहनें। लोगो को दी जा रही सलाह डॉक्टरों ने लोगों को खान-पान पर भी ध्यान देने की सलाह दी है। गरम और पौष्टिक आहार, पर्याप्त पानी, हल्दी-अदरक जैसी चीजें शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद कर सकती हैं। यदि खांसी, बुखार या सांस लेने में परेशानी लंबे समय तक बनी रहे, तो घरेलू उपायों पर निर्भर न रहकर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।


