गवाही से बचते रहे औषधि निरीक्षक, जारी हुआ वारंट:दवा कारोबार पर छापेमार कार्रवाई में थे मुख्य गवाह, आगरा कोर्ट ने सुनाया फैसला

गवाही से बचते रहे औषधि निरीक्षक, जारी हुआ वारंट:दवा कारोबार पर छापेमार कार्रवाई में थे मुख्य गवाह, आगरा कोर्ट ने सुनाया फैसला

आगरा में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम से जुड़े एक मामले में अदालत ने औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कई बार समन और जमानती वारंट जारी होने के बावजूद गवाही देने अदालत में पेश नहीं होने पर विशेष न्यायाधीश विवेक कुमार ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने के आदेश दिए हैं।
मामले के अनुसार वर्ष 2024 में औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने मनोज कुमार मित्तल के लोहिया नगर, बलकेश्वर स्थित गोदाम पर छापा मारा था। आरोप था कि वहां बिना लाइसेंस के दवाओं का भंडारण और खरीद-फरोख्त की जा रही थी। इस पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत अदालत में परिवाद दाखिल किया गया।
अदालत ने 19 फरवरी 2024 को परिवाद पर संज्ञान लेते हुए आरोपी मनोज कुमार मित्तल को तलब किया था। इसके बाद आरोपी अपने अधिवक्ताओं योगेश शुक्ला और गुंजन अग्रवाल के माध्यम से नियमित रूप से अदालत में पेश होता रहा।
वहीं, मामले में मुख्य गवाह औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा कई तारीखों पर अदालत में उपस्थित नहीं हुए। अदालत ने पहले समन और फिर जमानती वारंट जारी किए, लेकिन इसके बाद भी वे पेश नहीं हुए। इसे गंभीरता से लेते हुए विशेष न्यायाधीश ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया।

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