Parents Sold their Child: तेलंगाना में हैरान करने वाला मामला सामने आया है। तेलंगाना के मेडक जिले में शराब पीने के लिए दंपति ने अपने नवजात बच्चे को बेच दिया। स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने नवजात बच्चे को बरामद कर लिया। फिलहाल, बच्चे को पुलिस की सुरक्षा के बीच उसकी मां के साथ सखी सेंटर में रखा गया है। पुलिस के मुताबिक, मेडक जिले के गांव लिंगासनीपल्ली थांडा निवासी महेश और उसकी पत्नी मंजुला दिहाड़ी पर मजदूरी करते हैं। वे शराब पीने के आदी हैं और अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा शराब पीने में खर्च कर देते हैं।
दंपति ने 1.70 लाख रुपए में किया था नवजात का सौदा
महेश की पत्नी मंजुला ने 10 फरवरी को एक मैटरनल एंड चाइल्ड केयर सेंटर में बच्चे को जन्म दिया था। बच्चे के जन्म के कुछ समय बाद ही दंपति को शराब पीने की इच्छा हुई। शराब खरीदने के लिए पैसे नहीं होने की वजह से दंपति ने नवजात का सौदा करने का फैसला किया। पुलिस ने बताया कि कामारेड्डी जिले के कंचरला गांव के निवासी एक दंपति के बच्चे नहीं हैं। उन्हें बिचौलिए के जरिए नवजात बच्चे के बारे में पता चला। दंपति ने बिचौलिए के जरिए बच्चे का सौदा कर लिया। बीते 4 मार्च को कामारेड्डी जिले के दंपति ने 1.70 लाख रुपए देकर बच्चे को खरीद लिया। इस सौदेबाजी की पूरी रकम कैश में दी गई थी।
ऐसे खुला बच्चे की सौदेबादी का राज
बच्चे के जन्म के बाद मंजुला आंगनवाड़ी केंद्र में नहीं गई। आंगनवाड़ी में मंजुला की अनुपस्थिति को लेकर इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट सर्विसेज (ICDS) की पर्यवेक्षक पारला विजयलक्ष्मी ने गांव वालों से पूछताछ की। इसके बाद विजयलक्ष्मी मंजुला के घर पहुंची तो ताला लगा मिला। विजयलक्ष्मी मंजुला के पड़ोसियों से बातचीत की पता चला कि महेश अपनी पत्नी को लेकर रिश्तेदार के घर चेगुंटा चला गया है। विजयलक्ष्मी ने चेगुंटा में जानकारी जुटाई तो पता चला कि मंजुला को बच्चे के बिना देखा गया है। इसके बाद ICDS की पर्यवेक्षक विजयलक्ष्मी ने पुलिस को सूचना दी। सूचना के आधार पर पुलिस मौके पर पहुंची और पूरा राज खुल गया।
पुलिस ने बच्चा खरीदने और बेचने वालों से की पूछताछ
मेडक DCP प्रसन्ना कुमार ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने बच्चे के माता-पिता, मध्यस्थों और खरीदारों को गिरफ्तार कर लिया। वहीँ बच्चे को कामारेड्डी से मेडक के सखी केंद्र में भेज दिया गया। बिचौलिए, बच्चा खरीदने और बेचने वाले दंपति से पूछताछ की गई है। इस पूरे कारनामे में शामिल 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बच्चे की कीमत लगाई ₹5 लाख, फिर 1.70 लाख में तय हुआ सौदा
बच्चे का सौदा करने वाले दंपति मंजुला-महेश की मुलाकात मेडक में बिचौलिए नागाराजू और स्वप्ना से हुई थी। इसी दौरान दंपति और बिचौलिए के बीच बच्चे को बेचने की बात हुई। बिलौलिए ने पुलिस को बताया कि मंजुला और महेश ने 5 लाख रुपए में बच्चा बेचने की बात कही थी, लेकिन 1.70 लाख में सौदा तय हुआ। इसके बाद मेडक के शालीपेट गांव में स्टाम्प पेपर पर लिखित समझौता करके मंजुला और महेश ने अपने बच्चे को नागाराजू और स्वप्ना को बेच दिया। इसके बाद नागाराजू और स्वप्ना ने बच्चे को कामारेड्डी जिले के कंचेरला गांव में रहने वाले अपने रिश्तेदार नरसोला राजू और उसकी पत्नी रजिथा को सौंप दिया।


