दरभंगा में 35 साल के चंदन सहनी ने अपने ही डेढ़ साल के बेटे राघव की पानी में डुबाकर हत्या कर दी। इसकी जानकारी गांव के लोगों और चंदन के परिवार को उस वक्त हुई, जब परिवार के लोग उसे ढूंढने के लिए निकले थे। पूछताछ में पता चला कि बेटे को गटर में डुबाकर उसके ऊपर चंदन करीब 30 मिनट तक खड़ा रहा था। जब लोगों ने उसे जबरन पानी से निकाला तो पता चला कि पानी में बच्चे की लाश है। वारदात की जानकारी के बाद चंदन के परिजन ने ही पुलिस को सूचना दी और पुलिस के आने पर उसे सौंप दिया। परिजनों की शिकायत के बाद मंगलवार को पुलिस ने आरोपी चंदन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं, पोते की मौत के बाद दादा-दादी बेसुध हैं। राघव की दादी का कहना है कि बहू अपने प्रेमी संग भागी तो उसे मारना चाहिए था, पोते को क्यों मार दिया। वो मेरा जिगर का कलेजा था।’ आरोपी चंदन ने अपने डेढ़ साल के इकलौते बेटे की निर्मम तरीके से क्यों की? वारदात को उसने कैसे अंजाम दिया? वारदात के दौरान चंदन की पत्नी, माता-पिता कहां थे? वारदात की जानकारी परिजन को कैसे हुई? इन सवालों के जवाब जानने के लिए दैनिक भास्कर की रिपोर्टर आरोपी चंदन के घर पहुंचे। पढ़िए पूरी रिपोर्ट। 2019 में मजदूरी करने हिमाचल गया पूरा मामला सोमवार भालपट्टी थाना क्षेत्र के फजला गांव का है। साल 2018… चंदन सहनी की उम्र उस वक्त 28 साल थी। घर का सबसे छोटा बेटा था, लिहाजा पढ़ाई के बाद कुछ काम नहीं करता था। गांव में ऐसे ही बेरोजगार घूमता रहता था। बेरोजगार होने की वजह से शादी भी नहीं हो रही थी। माता-पिता और बड़े भाई के काफी समझाने के बाद चंदन 2019 में किसी रिश्तेदार की मदद से मजदूरी के लिए हिमाचल प्रदेश चला गया। चंदन, हिमाचल में जहां मजदूरी करता था, वहां हिमाचल प्रदेश की ही रहने वाली प्रियंका भी काम करती थी। दोनों के बीच बातचीत होने लगी। चंदन का प्रियंका के घर भी आना-जाना हो गया। कुछ ही दिनों में दोनों के बीच अफेयर शुरू हुआ जो पहले प्यार और फिर शादी में बदल गई। माता-पिता को बिना बताए हिमाचल की लड़की से की लव मैरिज हिमाचल में ही रहने के दौरान चंदन ने माता-पिता को बिना बताए लव मैरिज कर ली। करीब एक साल बाद यानी 2020 में कोरोना महामारी आ गई, तो चंदन ने पत्नी प्रियंका से कहा कि तुम प्रेग्नेंट हो, काम लगभग बंद है, बीमारी भी चल रही है, ऐसे में तुम मेरे साथ मेरे घर बिहार चलो। प्रियंका ससुराल आने के लिए तैयार हो गई। प्रियंका ने यहां आने के करीब 6 महीने बाद एक बेटी को जन्म दिया। बच्ची का जब जन्म हुआ तो वो काफी कमजोर थी, लिहाजा उसे (Neonatal Intensive Care Unit) में रखा गया था। बच्ची के जन्म के बाद ही प्रियंका ने अपने पति चंदन से हिमाचल जाने के लिए कहा। चंदन ने कहा कि अभी तुम मां बनी हो, बच्ची 15 दिन बाद NICU से आई है, ऐसे में बच्ची को कैसे लेकर जाएंगे। प्रियंका ने कहा कि नहीं हम बिना बेटी के जाएंगे। बेटी को माता-पिता के पास ही छोड़ दो। चंदन ने जब बेटी को छोड़ने के कारण के बारे में पूछा तो प्रियंका ने कहा कि हमारे पास इतने पैसे भी नहीं है, हम अपना खर्च चलाएंगे कि बच्ची का इलाज कराएंगे। बच्ची को माता-पिता के पास ही छोड़ दो। पत्नी के ये सब कहने के बाद चंदन ने जब अपने माता-पिता से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि कोई बात नहीं तुम अपनी पत्नी को ले जाओ, वो जैसा कहती है, करो। फिर चंदन और प्रियंका हिमाचल आ गए। डेढ़ साल पहले बेटे हुआ, एक साल पहले चंदन का एक्सीडेंट चंदन के बड़े भाई सोनू सहनी ने बताया, ‘हिमाचल जाने के बाद चंदन कभी-कभी पैसे भेजता था, जो उसकी दिव्यांग बेटी पर ही खर्च होता था, लेकिन वो जो पैसा भेजता था, वो कम पड़ता था। बच्ची का इलाज तो मैं ही करा रहा था। सोनू ने बताया, ‘यहां से जाने के बाद प्रियंका ने काम करना छोड़ दिया था और घर पर ही रहती थी। डेढ़ साल पहले चंदन और प्रियंका को बेटा हुआ था। छह महीने तक सब कुछ ठीक रहा, लेकिन करीब एक साल पहले चंदन का एक्सीडेंट हो गया और वो बुरी तरह घायल हो गया। इसके बाद चंदन घर पर ही रहने लगा, प्रियंका काम पर जाने लगी। चूंकि चंदन खुद भी इलाज करा रहा था, चलने-फिरने में दिक्कत होती थी और घर पर बच्चे को भी देखना पड़ता था, उसने अपनी पत्नी से कहा कि तुम किसी तरह मुझे दरभंगा ले चलो, मैं बेटे को भी वहां छोड़ दूंगा, फिर हम दोनों बेटी को लेकर आ जाएंगे।’ नोट- बच्ची का सिंगल जीफ लगा दीजिएगा चंदन के इतना कहने के बाद प्रियंका ने बिहार आने से मना कर दिया और कहा कि तुम एक दो महीने में जब ठीक हो जाना, खुद ही बेटे को लेकर गांव चले जाना। मैं नहीं जाऊंगी। एक-दो महीने बाद जब चंदन थोड़ा ठीक हुआ तो अपने बेटे राघव को लेकर दरभंगा आ गया। कुछ दिन रहने के बाद बेटे राघव को भी दरभंगा छोड़कर पत्नी प्रियंका के पास लौट गया। हिमाचल लौटने के बाद पत्नी अलग रहने लगी, बोली- मुझे तुमसे, तुम्हारे बच्चों से कोई मतलब नहीं सोनू सहनी ने बताया, ‘चंदन जब दोबारा हिमाचल गया तो पता चला कि उसकी पत्नी प्रियंका घर पर नहीं है। काफी तलाशने के बाद जब वो मिली तो उसने चंदन से कहा कि मुझे तुम्हारे साथ नहीं रहना है, मैं किसी और से प्यार करती हूं और उसी से शादी करके उसके साथ रहूंगी। इसके बाद प्रियंका चंदन को छोड़कर चली गई।’ सोनू ने बताया, ‘डेढ़ साल पहले जब प्रियंका काम पर जाने लगी थी, तभी उसका किसी से अफेयर हो गया था। आखिर में वो अपने प्रेमी के साथ चंदन और उसके दोनों बच्चों को छोड़कर चली गई। पत्नी के जाने के बाद चंदन कभी-कभी फोन करता था। दोनों बच्चों से बातचीत करता था। माता-पिता और मुझसे कहता था कि मेरा मन नहीं लगता है, जल्दी आ जाऊंगा।’ ‘सोमवार को ही घर आया, दो घंटे बाद डेढ़ साल के बेटे को मार डाला’ सोनू ने बताया, ‘सोमवार को ही चंदन हिमाचल से सब कुछ छोड़कर गांव आया था। सुबह करीब 9 बजे राघव को गोद में लिया और कहा कि इसके लिए गर्म कपड़े लेकर नहीं आया हूं, बाजार से इसे कपड़े दिलाकर आता हूं। इतना कहने के बाद चंदन राघव को लेकर बाजार चला गया। एक घंटे बाद 10 बजे चंदन अकेला आया। राघव के दादा-दादी और मैंने पूछा कि बाबू कहां है, तो उसने कहा कि गांव में ही किसी के पास छोड़ आया हूं, जाकर लेकर आता हूं। फिर चंदन गया तो वापस नहीं लौटा। हम लोगों ने सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजकर 45 मिनट तक राघव और चंदन की पूरे गांव में तलाश की, लेकिन दोनों का कुछ पता नहीं चला।’ सोनू ने बताया, ‘मैं घर लौट आया। करीब 15 मिनट बाद ही गांव का एक लड़का आया और बताया कि चंदन तालाब में काफी देर से खड़ा है। सोनू ने बताया कि हम लोग दौड़कर चंदन के पास पहुंचे, उससे पूछा कि तुम पानी में क्यों खड़े हो, ठंड लग जाएगी, बाहर आओ। हम लोगों के कहने के बाद भी चंदन वहां से नहीं हिला। सिर्फ रो रहा था। फिर मैं पानी में गया और उसे खींचकर बाहर लेकर आया। जब उससे पूछा कि राघव कहां है, तो उसने बताया कि मैंने उसकी हत्या कर दी है, पानी में ही उसकी लाश है। पूछताछ में चंदन ने बताया कि मैंने पानी में राघव को डुबाया और आधे घंटे से उसकी लाश पर ही खड़ा था। इतना कहने के बाद गांव के लड़कों ने राघव की लाश को पानी से निकाल लिया और वारदात की सूचना पुलिस को दी।’ ‘मुश्किलों से बुढ़ापे में पोते को पाल रही थी, जिगर का टुकड़ा छीन लिया’ राघव की दादी सरस्वती देवी ने कहा, ‘अगर कोई दिक्कत परेशानी थी, तो मुझे बताता। मैं बुढ़ापे में भी पोती को 5 साल से देख रही थी, पोते को 9 महीने से देख रही थी, आगे जब तक जिंदा रहती, दोनों की परवरिश करती, पढ़ाती, लिखाती। मेरे बेटे ने ही मेरे जिगर के टुकड़े को मुझसे छीन लिया, आखिर मेरे पोते ने उसका क्या बिगाड़ा था। उसकी लड़ाई उसकी पत्नी से थी, वो उसके पास जाता, जो करना होता, करता। वहीं, राघव के दादा से जब बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कहा, ‘अब बात करने को कुछ नहीं बचा। मैं वैसे ही बुढ़ापे में किसी तरह दोनों बच्चों की परवरिश कर रहा था, मैं बीपी का मरीज हूं, इस उम्र में भी खेती किसानी कर रहा हूं, मुझे अकेला छोड़ दीजिए।’ दरभंगा में 35 साल के चंदन सहनी ने अपने ही डेढ़ साल के बेटे राघव की पानी में डुबाकर हत्या कर दी। इसकी जानकारी गांव के लोगों और चंदन के परिवार को उस वक्त हुई, जब परिवार के लोग उसे ढूंढने के लिए निकले थे। पूछताछ में पता चला कि बेटे को गटर में डुबाकर उसके ऊपर चंदन करीब 30 मिनट तक खड़ा रहा था। जब लोगों ने उसे जबरन पानी से निकाला तो पता चला कि पानी में बच्चे की लाश है। वारदात की जानकारी के बाद चंदन के परिजन ने ही पुलिस को सूचना दी और पुलिस के आने पर उसे सौंप दिया। परिजनों की शिकायत के बाद मंगलवार को पुलिस ने आरोपी चंदन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं, पोते की मौत के बाद दादा-दादी बेसुध हैं। राघव की दादी का कहना है कि बहू अपने प्रेमी संग भागी तो उसे मारना चाहिए था, पोते को क्यों मार दिया। वो मेरा जिगर का कलेजा था।’ आरोपी चंदन ने अपने डेढ़ साल के इकलौते बेटे की निर्मम तरीके से क्यों की? वारदात को उसने कैसे अंजाम दिया? वारदात के दौरान चंदन की पत्नी, माता-पिता कहां थे? वारदात की जानकारी परिजन को कैसे हुई? इन सवालों के जवाब जानने के लिए दैनिक भास्कर की रिपोर्टर आरोपी चंदन के घर पहुंचे। पढ़िए पूरी रिपोर्ट। 2019 में मजदूरी करने हिमाचल गया पूरा मामला सोमवार भालपट्टी थाना क्षेत्र के फजला गांव का है। साल 2018… चंदन सहनी की उम्र उस वक्त 28 साल थी। घर का सबसे छोटा बेटा था, लिहाजा पढ़ाई के बाद कुछ काम नहीं करता था। गांव में ऐसे ही बेरोजगार घूमता रहता था। बेरोजगार होने की वजह से शादी भी नहीं हो रही थी। माता-पिता और बड़े भाई के काफी समझाने के बाद चंदन 2019 में किसी रिश्तेदार की मदद से मजदूरी के लिए हिमाचल प्रदेश चला गया। चंदन, हिमाचल में जहां मजदूरी करता था, वहां हिमाचल प्रदेश की ही रहने वाली प्रियंका भी काम करती थी। दोनों के बीच बातचीत होने लगी। चंदन का प्रियंका के घर भी आना-जाना हो गया। कुछ ही दिनों में दोनों के बीच अफेयर शुरू हुआ जो पहले प्यार और फिर शादी में बदल गई। माता-पिता को बिना बताए हिमाचल की लड़की से की लव मैरिज हिमाचल में ही रहने के दौरान चंदन ने माता-पिता को बिना बताए लव मैरिज कर ली। करीब एक साल बाद यानी 2020 में कोरोना महामारी आ गई, तो चंदन ने पत्नी प्रियंका से कहा कि तुम प्रेग्नेंट हो, काम लगभग बंद है, बीमारी भी चल रही है, ऐसे में तुम मेरे साथ मेरे घर बिहार चलो। प्रियंका ससुराल आने के लिए तैयार हो गई। प्रियंका ने यहां आने के करीब 6 महीने बाद एक बेटी को जन्म दिया। बच्ची का जब जन्म हुआ तो वो काफी कमजोर थी, लिहाजा उसे (Neonatal Intensive Care Unit) में रखा गया था। बच्ची के जन्म के बाद ही प्रियंका ने अपने पति चंदन से हिमाचल जाने के लिए कहा। चंदन ने कहा कि अभी तुम मां बनी हो, बच्ची 15 दिन बाद NICU से आई है, ऐसे में बच्ची को कैसे लेकर जाएंगे। प्रियंका ने कहा कि नहीं हम बिना बेटी के जाएंगे। बेटी को माता-पिता के पास ही छोड़ दो। चंदन ने जब बेटी को छोड़ने के कारण के बारे में पूछा तो प्रियंका ने कहा कि हमारे पास इतने पैसे भी नहीं है, हम अपना खर्च चलाएंगे कि बच्ची का इलाज कराएंगे। बच्ची को माता-पिता के पास ही छोड़ दो। पत्नी के ये सब कहने के बाद चंदन ने जब अपने माता-पिता से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि कोई बात नहीं तुम अपनी पत्नी को ले जाओ, वो जैसा कहती है, करो। फिर चंदन और प्रियंका हिमाचल आ गए। डेढ़ साल पहले बेटे हुआ, एक साल पहले चंदन का एक्सीडेंट चंदन के बड़े भाई सोनू सहनी ने बताया, ‘हिमाचल जाने के बाद चंदन कभी-कभी पैसे भेजता था, जो उसकी दिव्यांग बेटी पर ही खर्च होता था, लेकिन वो जो पैसा भेजता था, वो कम पड़ता था। बच्ची का इलाज तो मैं ही करा रहा था। सोनू ने बताया, ‘यहां से जाने के बाद प्रियंका ने काम करना छोड़ दिया था और घर पर ही रहती थी। डेढ़ साल पहले चंदन और प्रियंका को बेटा हुआ था। छह महीने तक सब कुछ ठीक रहा, लेकिन करीब एक साल पहले चंदन का एक्सीडेंट हो गया और वो बुरी तरह घायल हो गया। इसके बाद चंदन घर पर ही रहने लगा, प्रियंका काम पर जाने लगी। चूंकि चंदन खुद भी इलाज करा रहा था, चलने-फिरने में दिक्कत होती थी और घर पर बच्चे को भी देखना पड़ता था, उसने अपनी पत्नी से कहा कि तुम किसी तरह मुझे दरभंगा ले चलो, मैं बेटे को भी वहां छोड़ दूंगा, फिर हम दोनों बेटी को लेकर आ जाएंगे।’ नोट- बच्ची का सिंगल जीफ लगा दीजिएगा चंदन के इतना कहने के बाद प्रियंका ने बिहार आने से मना कर दिया और कहा कि तुम एक दो महीने में जब ठीक हो जाना, खुद ही बेटे को लेकर गांव चले जाना। मैं नहीं जाऊंगी। एक-दो महीने बाद जब चंदन थोड़ा ठीक हुआ तो अपने बेटे राघव को लेकर दरभंगा आ गया। कुछ दिन रहने के बाद बेटे राघव को भी दरभंगा छोड़कर पत्नी प्रियंका के पास लौट गया। हिमाचल लौटने के बाद पत्नी अलग रहने लगी, बोली- मुझे तुमसे, तुम्हारे बच्चों से कोई मतलब नहीं सोनू सहनी ने बताया, ‘चंदन जब दोबारा हिमाचल गया तो पता चला कि उसकी पत्नी प्रियंका घर पर नहीं है। काफी तलाशने के बाद जब वो मिली तो उसने चंदन से कहा कि मुझे तुम्हारे साथ नहीं रहना है, मैं किसी और से प्यार करती हूं और उसी से शादी करके उसके साथ रहूंगी। इसके बाद प्रियंका चंदन को छोड़कर चली गई।’ सोनू ने बताया, ‘डेढ़ साल पहले जब प्रियंका काम पर जाने लगी थी, तभी उसका किसी से अफेयर हो गया था। आखिर में वो अपने प्रेमी के साथ चंदन और उसके दोनों बच्चों को छोड़कर चली गई। पत्नी के जाने के बाद चंदन कभी-कभी फोन करता था। दोनों बच्चों से बातचीत करता था। माता-पिता और मुझसे कहता था कि मेरा मन नहीं लगता है, जल्दी आ जाऊंगा।’ ‘सोमवार को ही घर आया, दो घंटे बाद डेढ़ साल के बेटे को मार डाला’ सोनू ने बताया, ‘सोमवार को ही चंदन हिमाचल से सब कुछ छोड़कर गांव आया था। सुबह करीब 9 बजे राघव को गोद में लिया और कहा कि इसके लिए गर्म कपड़े लेकर नहीं आया हूं, बाजार से इसे कपड़े दिलाकर आता हूं। इतना कहने के बाद चंदन राघव को लेकर बाजार चला गया। एक घंटे बाद 10 बजे चंदन अकेला आया। राघव के दादा-दादी और मैंने पूछा कि बाबू कहां है, तो उसने कहा कि गांव में ही किसी के पास छोड़ आया हूं, जाकर लेकर आता हूं। फिर चंदन गया तो वापस नहीं लौटा। हम लोगों ने सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजकर 45 मिनट तक राघव और चंदन की पूरे गांव में तलाश की, लेकिन दोनों का कुछ पता नहीं चला।’ सोनू ने बताया, ‘मैं घर लौट आया। करीब 15 मिनट बाद ही गांव का एक लड़का आया और बताया कि चंदन तालाब में काफी देर से खड़ा है। सोनू ने बताया कि हम लोग दौड़कर चंदन के पास पहुंचे, उससे पूछा कि तुम पानी में क्यों खड़े हो, ठंड लग जाएगी, बाहर आओ। हम लोगों के कहने के बाद भी चंदन वहां से नहीं हिला। सिर्फ रो रहा था। फिर मैं पानी में गया और उसे खींचकर बाहर लेकर आया। जब उससे पूछा कि राघव कहां है, तो उसने बताया कि मैंने उसकी हत्या कर दी है, पानी में ही उसकी लाश है। पूछताछ में चंदन ने बताया कि मैंने पानी में राघव को डुबाया और आधे घंटे से उसकी लाश पर ही खड़ा था। इतना कहने के बाद गांव के लड़कों ने राघव की लाश को पानी से निकाल लिया और वारदात की सूचना पुलिस को दी।’ ‘मुश्किलों से बुढ़ापे में पोते को पाल रही थी, जिगर का टुकड़ा छीन लिया’ राघव की दादी सरस्वती देवी ने कहा, ‘अगर कोई दिक्कत परेशानी थी, तो मुझे बताता। मैं बुढ़ापे में भी पोती को 5 साल से देख रही थी, पोते को 9 महीने से देख रही थी, आगे जब तक जिंदा रहती, दोनों की परवरिश करती, पढ़ाती, लिखाती। मेरे बेटे ने ही मेरे जिगर के टुकड़े को मुझसे छीन लिया, आखिर मेरे पोते ने उसका क्या बिगाड़ा था। उसकी लड़ाई उसकी पत्नी से थी, वो उसके पास जाता, जो करना होता, करता। वहीं, राघव के दादा से जब बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कहा, ‘अब बात करने को कुछ नहीं बचा। मैं वैसे ही बुढ़ापे में किसी तरह दोनों बच्चों की परवरिश कर रहा था, मैं बीपी का मरीज हूं, इस उम्र में भी खेती किसानी कर रहा हूं, मुझे अकेला छोड़ दीजिए।’


