रायसेन में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। गुरुवार सुबह लगभग 4 बजे बूंदाबांदी दर्ज की गई, जिसके साथ ही इस सीजन का चौथा घना कोहरा भी छाया रहा। घने कोहरे के कारण दृश्यता (विजिबिलिटी) घटकर लगभग 100 मीटर रह गई। मकर संक्रांति से मौसम में आए इस बदलाव के कारण ठंड का असर फिर से बढ़ गया है। सुबह बूंदाबांदी और कोहरा छाया पिछले लगभग डेढ़ महीने से जिले में रात का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। वहीं, दिन का अधिकतम तापमान 21 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा था। बीते चार दिनों से तेज धूप निकलने के कारण लोगों को सर्दी से थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन गुरुवार से मौसम में फिर बदलाव आ गया। बीती रात न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बुधवार को दिन का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा। अगले कुछ दिनों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, 16 जनवरी से हिमालयी क्षेत्र में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इस पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मध्यप्रदेश में ‘मावठा’ यानी हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। विभाग ने बताया कि फिलहाल पश्चिमी हिस्से के पास से एक ट्रफ गुजर रही है, जिसका सीधा असर प्रदेश पर नहीं पड़ रहा है। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के मजबूत होने के कारण प्रदेश के कई जिलों में बादल छाने और बारिश के हालात बन सकते हैं। इसके अतिरिक्त, पूर्व-उत्तर भारत के ऊपर समुद्र तल से लगभग 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर जेट स्ट्रीम हवाएं 204 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही हैं। इन हवाओं का असर भी मध्यप्रदेश के मौसम पर देखा जा रहा है।


