विदिशा. शहर के रहवासियों के लिए पेयजल आपूर्ति के बावत हलाली डैम से लाए जाने वाले पानी में अब चोरी नहीं हो सकेगी। आपूर्ति के लिए डैम से पानी अब पाइप लाइन के जरिए यहां बेतवा नदी में बनाए गए कालिदास डैम तक पहुंचेगा। इससे एक ओर जहां नहरों में पानी का नुकसान नहीं होगा। वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों द्वारा चोरी से पानी लेकर निजी कार्यों में उपयोग करना संभव नहीं होगा। इस स्थिति में यहां रहवासियों के लिए गर्मी में भी समय पर पानी पहुंचेगा।
गर्मी के मौसम में नगरपालिका की ओर से पेयजल आपूर्ति के लिए हलाली डैम से 50 लाख घन मीटर पानी खरीदा जाता है। इसके लिए नगरपालिका को 30 लाख रुपए जल संसाधन विभाग को प्रतिवर्ष देने पड़ते हैं। यहां कालिदास डैम के खाली होने पर डैम से पानी मंगाया जाता है। नहर से पानी आने की स्थिति में एक ओर जहां समय अधिक लगता है। वहीं बड़ी पानी चोरी हो जाता है। नहरों और चोरी होने पर करीब प्रतिवर्ष 20 प्रतिशत पानी का नुकसान होता है। लेकिन अब पाइपलाइन से पानी आने पर इस समस्या से राहत मिलेगी।
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52 करोड़ रुपए हुए खर्च
पाइपलाइन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अब केवल 6 किमी मीटर में पाइपलाइन बिछाया जाना शेष है। दावा है कि गर्मी से पहले यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा। गर्मी में पेयजल के लिए डैम से पानी पाइप लाइन के जरिए ही लिया जाएगा। गौरतलब है कि 35 किमी में पाइप लाइन डालने में नगरपालिका की ओर से करीब 52 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।
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यह होती थी परेशानी
– नहर से पानी लाने पर बड़ी मात्रा में नुकसान व चोरी हो जाता था।
– सिंचाई के लिए नहर खोल देने पर यहां पानी पहुंचने में वक्त लगता था।
– नपा को पानी आने के दौरान दिन व रात में निगरानी करनी पड़ती थी।
– नहर के पानी में गंदगी मिलने से शुद्ध करने में अधिक समय लगता था।
– नपा व स्थानीय लोगों के बीच आए दिन विवाद की स्थिति बनती थी।
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वर्जन –
हलाली से यहां तक पाइपलाइन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इसके लिए लंबे समय से प्रयास किया जा रहा था। अमृत योजना के तहत बजट स्वीकृत होने पर यह कार्य कराया जा रहा है। अब कई समस्याओं से राहत मिलेगी।
दुर्गेश सिंह ठाकुर, सीएमओ नगरपालिका विदिशा।


