बड़वानी शहर की पेयजल व्यवस्था इन दिनों खतरे में है। नगर पालिका की पुरानी पाइपलाइनें कई क्षेत्रों में नालों और नालियों के बेहद करीब से गुजर रही हैं। इसके साथ ही, पानी की सप्लाई के लिए बनाए गए कई चेंबर खुले पड़े हैं और उनमें लीकेज भी देखा गया है, जिससे इंदौर जैसी किसी बड़ी घटना की आशंका बढ़ गई है। निरीक्षण में सामने आया कि पेयजल सप्लाई के लिए बनाए गए कई चेंबर खुले पड़े हैं, जिनकी गहराई डेढ़ से दो फीट तक है। इनमें गिरकर दुर्घटना होने की पूरी संभावना है। सेंटमेरी स्कूल, श्री जी कॉलोनी और बालाजी कॉलोनी के पास बने चेंबरों में वॉल्व लीकेज साफ देखा गया है। जब इन वॉल्व से पानी की सप्लाई होती है, तो चेंबर में जमा गंदा पानी पाइपलाइन में मिलकर सीधे लोगों के घरों तक पहुंचने का खतरा रहता है। नालों के बीच से गुजर रही पाइपलाइनें शहर की छह टंकियों से 11 हजार से अधिक नल कनेक्शन जुड़े हुए हैं। पाला बाजार सहित कई क्षेत्रों में मुख्य पेयजल पाइपलाइन गंदे नालों के सीधे संपर्क में है। यदि इन लाइनों में लीकेज होता है, तो दूषित पानी घरों में पहुंच सकता है। स्थानीय लोगों की शिकायतें श्री राम नगर और अमित नगर के स्थानीय निवासी तुलसीराम कौशल और महेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि सीवेज कार्य के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसे सही से नहीं सुधारा गया। अब सीवरेज का गंदा पानी नलों के मुख्य चेंबर में जा रहा है। जैन मंदिर क्षेत्र के मनीष जैन ने बताया कि सीवेज चेंबर का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। डामर रोड निर्माण के कारण चेंबर ढक गया है, जिससे सफाई नहीं हो पा रही है। लोगों को डर है कि यह गंदा पानी उनके घरों के कुओं में मिल सकता है। विधायक प्रतिनिधि विष्णु बनडे ने बताया कि श्री राम नगर, बालाजी कॉलोनी और कारंजा चौराहा सहित कई जगहों पर सीवरेज चेंबर और पेयजल के वॉल्व पास-पास हैं, जिससे गंदा पानी मिक्स हो रहा है। नगर पालिका का आश्वासन नगर पालिका इंजीनियर रितुराज साकले ने बताया कि अमृत 2.0 योजना के तहत चार नई टंकियां स्वीकृत की गई हैं और नई पाइपलाइन बिछाने का काम जल्द शुरू होगा। उन्होंने कहा कि टंकियों की समय-समय पर सफाई की जाती है और पुरानी लाइनों के लीकेज को तत्काल सुधारा जाता है। नई योजना में पाइपलाइन को ऊंचा किया जाएगा ताकि नालों का पानी उन तक न पहुंच सके। इसके बावजूद, लोगों ने सीवेज कंपनी की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।


