ड्रिंकिंग वॉटर बेल प्रोजेक्ट: घंटी बजते ही कक्षा में बोतल से पानी पीते हैं बच्चे

ड्रिंकिंग वॉटर बेल प्रोजेक्ट: घंटी बजते ही कक्षा में बोतल से पानी पीते हैं बच्चे

Ahmedabad. प्राइमरी से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक के किसी भी स्कूल में घंटी बजना आम बात है। अमूमन क्लास शुरू होने और खत्म होने पर घंटी बजती है। हालांकि राजकोट शहर के पीएम श्री विनोबा भावे पे सेंटर स्कूल नंबर 93 में घंटी बजने का एक और मतलब भी है।

घंटी बजते ही बच्चे अन्य विषय की क्लास की तैयारी नहीं करते बल्कि वे अपनी पानी की बोतल को हाथ में लेकर पानी पीने लगते हैं। इसके लिए वे कक्षा से बाहर नहीं बल्कि अपने क्लास रूम में अपनी जगह पर बैठे-बैठे ही पानी पीते हैं। यह घंटी हर एक घंटे में बजती है वहीं क्लास बदलने की घंटी 45 मिनट में बजती है। बच्चे पांच घंटे स्कूल में रहते हैं और कम से कम पांच बार पानी पीते हैं। बच्चों के साथ-साथ शिक्षक भी पानी पीते हैं। दरअसल, भीषण गर्मी के दुष्प्रभाव से स्कूल के बच्चों को बचाने के लिए इस स्कूल ने ड्रिंकिंग वॉटर बेल प्रोजेक्ट लागू किया है।

पानी पीने के लिए इलेक्टि्रक घंटी, अलग साउंड

स्कूल की प्रधानाचार्य डॉ. वनिता राठौड़ ने बताया कि गुजरात में मार्च महीने से ही अप्रेल, मई जैसी गर्मी पड़ रही है। राजकोट शहर में पारा 42 डिग्री तक पहुंच गया है। ऐसे में तपती दोपहरी और गर्म हवा के थपेड़ों के दुष्प्रभाव से बच्चों को बचाने के लिए उन्होंने यह पहल की है जिसे ड्रिंकिंग वॉटर बेल प्रोजेक्ट नाम दिया है। इसके लिए इलेक्टि्रक घंटी बजाई जाती है, जिसका साउंड अलग है। इसे फरवरी से मई महीने तक लागू किया जाता है।

पानी पीने का महत्व भी समझ रहे विद्यार्थी

राष्ट्रीय शिक्षक अवार्ड से सम्मानित वनिता ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के दो पहलू हैं। एक तो कई बच्चे पढ़ाई के दौरान इतने व्यस्त रहते हैं कि वे पानी पीना ही भूल जाते हैं। ऐसे में शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इन दिनों पारा जब मार्च में ही 42 डिग्री को पार कर गया है तो लू लगने का खतरा रहता है। घंटी बजते ही बच्चे प्यास लगे या नहीं, लेकिन पानी पीते हैं। ऐसे में उन्हें लू लगने का खतरा नहीं होता है। बच्चों को पानी पीने का महत्व के बारे में समझाया जा रहा है। इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। बच्चों के लिए कुदरती ठंडा पानी उपलब्ध कराने के लिए मटके भी रखे हैं वहीं आरओ का पानी मटके में डालते हैं।

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