सिटी रिपोर्टर| बिलासपुर इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईपीए) देश के 50 हजार से अधिक शिशु रोग विशेषज्ञों का संगठन है, यह बच्चों के बेहतर उपचार के लिए गाइडलाइन तैयार करता है। बिलासपुर में शिशु रोग विशेषज्ञों के संगठन बिलासपुर एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स की स्थापना वर्ष 1991 में हुई थी। संस्था निरंतर सक्रिय रहते हुए राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की गाइडलाइन अपग्रेडेशन मीटिंग्स का आयोजन करती रही है। इसी कड़ी में बुधवार को आईएपी बिलासपुर की नई कार्यकारिणी का गठन व शपथ ग्रहण समारोह हुआ। कार्यक्रम में डॉ. राजीव शिवहरे ने अध्यक्ष, डॉ. नूपुर सिन्हा ने सचिव और डॉ. घनश्याम गंगवानी ने कोषाध्यक्ष पद की शपथ ली। अध्यक्षता वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. पीआर चौधरी ने की, जबकि शपथ ग्रहण की प्रक्रिया डॉ. मधुश्री देशपांडे ने पूरी कराई। नव-निर्वाचित अध्यक्ष ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आईएपी बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और मजबूती से निभाएगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति एवं सरकार के बाल स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अनुरूप प्राथमिकताएं तय की जाएंगी। इनमें टीकाकरण को सुदृढ़ करना तथा सेप्टीसीमिया, न्यूमोनिया, डेंगू और टायफाइड जैसी जटिल बीमारियों से होने वाली शिशु मृत्यु दर को कम करना प्रमुख लक्ष्य होंगे। बता दें कि संस्था ओपीडी व भर्ती बच्चों के इलाज, आईसीयू प्रबंधन, टीकाकरण चार्ट, अभिभावकों के लिए रोग संबंधी जानकारी तथा नवीन अनुसंधानों के माध्यम से बाल स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने का कार्य करती है।


