मौत को मात, युवक के पेट से निकलीं दर्जनों कीलें, 5 घंटे चला सांस रोक देने वाला ऑपरेशन

मौत को मात, युवक के पेट से निकलीं दर्जनों कीलें, 5 घंटे चला सांस रोक देने वाला ऑपरेशन

Man Swallowed Nails Surgery: रामपुर के एक युवक द्वारा गुस्से में उठाया गया कदम उसकी जान पर भारी पड़ सकता था। युवक ने आवेश में आकर डिब्बे में रखी छोटी-छोटी कीलों को निगल लिया। यह खतरनाक हरकत कुछ ही समय में गंभीर स्थिति में बदल गई और उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी।

अचानक बिगड़ी तबीयत, मचा हड़कंप

कीलें निगलने के कुछ ही समय बाद युवक को पेट में तेज दर्द शुरू हो गया और मुंह से खून आने लगा। परिजनों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत उसे मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की टीम ने तत्काल जांच शुरू की।

एक्स-रे रिपोर्ट ने किया हैरान

अस्पताल में प्राथमिक जांच और एक्स-रे रिपोर्ट सामने आने के बाद डॉक्टर भी चौंक गए। युवक के पेट के अंदर बड़ी संख्या में कीलें साफ दिखाई दे रही थीं। इतनी अधिक और नुकीली वस्तुओं का शरीर में होना बेहद खतरनाक स्थिति थी, जिससे आंतों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता था।

5 घंटे चला जान बचाने का ऑपरेशन

गैस्ट्रो सर्जन के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने युवक का ऑपरेशन शुरू किया। करीब पांच घंटे तक चले इस जटिल ऑपरेशन में एंडोस्कोपी, सर्जिकल तकनीक और सी-आर्म इमेजिंग मशीन की मदद से एक-एक कर सभी कीलों को निकाला गया। यह प्रक्रिया बेहद जोखिमपूर्ण और चुनौतीपूर्ण थी।

आंतों में हो चुका था गंभीर नुकसान

डॉक्टरों के अनुसार, कीलें छोटी और बड़ी आंत में अलग-अलग स्थानों पर फैल चुकी थीं। कई जगहों पर उन्होंने आंतों में पंक्चर भी कर दिया था, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई थी। हर कील को सुरक्षित तरीके से निकालना डॉक्टरों के लिए बड़ी चुनौती थी।

ऑपरेशन के बाद मिली राहत

लंबे और जटिल ऑपरेशन के बाद युवक की हालत में धीरे-धीरे सुधार होने लगा। डॉक्टरों की मेहनत रंग लाई और अंततः उसकी जान बचा ली गई। इलाज पूरा होने के बाद युवक को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और अब वह पूरी तरह स्वस्थ बताया जा रहा है।

मानसिक बीमारी बनी घटना की वजह

विशेषज्ञों के अनुसार, युवक ‘इंटरमिटेंट इंपल्सिव एक्सप्लोसिव डिसऑर्डर’ नामक मानसिक बीमारी से पीड़ित है। इस स्थिति में व्यक्ति अचानक अत्यधिक गुस्से में आकर बिना सोचे-समझे खतरनाक कदम उठा सकता है। सामान्य समय में ऐसे मरीज बिल्कुल सामान्य व्यवहार करते हैं।

डॉक्टरों की सलाह: समय पर इलाज जरूरी

मानसिक रोग विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मरीजों को नियमित काउंसिलिंग और उपचार की जरूरत होती है। अगर किसी व्यक्ति में अत्यधिक गुस्सा या अनियंत्रित व्यवहार के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए, ताकि समय रहते स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।

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