केकड़ी सदर थाने के हैड कॉन्स्टेबल को सस्पेंड करने के मामले में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि अवैध खनन भाजपा नेताओं के संरक्षण में चल रहा है। वहीं केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम ने कहा कि यह उनकी छवि खराब करने का प्रयास है। डोटासरा ने X पर लिखा-पुलिस थाना केकड़ी सदर (अजमेर) में तैनात ये ASI राजेश मीणा जी हैं, जिन्हें अवैध खनन रोकने पर बुरी तरह पीटा गया, इनाम के तौर पर विभाग से संस्पेंशन मिला… क्योंकि इन्होंने भाजपा नेताओं के संरक्षण में चल रहे अवैध खनन पर हाथ डालने की हिम्मत की है। ये सिर्फ एक पुलिसकर्मी पर हमला नहीं, कानून के राज पर सीधा हमला है। भाजपा नेता एवं सीनियर पुलिस अफसरों की मिलीभगत से अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है, और कर्त्तव्य का पालन करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रताड़ित और अपमानित किया जा रहा है। पुलिस की वर्दी रौंदी जा रही है, और सरकार मौन दर्शक बनी बैठी है। क्या भाजपा सरकार अवैध खनन के आगे पूरी तरह समर्पण कर चुकी है? छवि धूमिल करने का प्रयास, सही के साथ सही होगा-विधायक वहीं, इस सम्बन्ध में बात करने के लिए केकड़ी एमएलए शत्रुघ्न गौतम ने कहा कि उनका किसी से कोई लेना देना नहीं, विरोधी लोग उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। जो ट्रेक्टर, डंपर पकडे़ गए, खनिज विभाग ने जांच की और सही पाए गए। सही के साथ सही होगा, गलत के साथ कभी सही नहीं होगा। वे सभी प्रकार की जांच में सहयोग करेंगे और गलत के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। जहां तक हैड कॉन्स्टेबल की बात है तो उसने गलत किया। वैध काम करने वालों को भी हैड कॉन्स्टेबल परेशान कर रहा था। यह था मामला सापंदा निवासी ओमप्रकाश गुर्जर पुत्र मेवाराम गुर्जर ने केकड़ी सिटी थाने में रिपोर्ट दी कि सोमवार रात 12.30 बजे केकड़ी अस्पताल में दिखाने आया था। बाहर आकर होटल पर चाय पीने गया तब भाई मनीष गुर्जर पुत्र देवीलाल गुर्जर भी था। उसी समय दो से तीन लोग अज्ञात सफेद गाड़ी में आए । उनसे एक वर्दी में था व दो लोग सिविल ड्रेस में थे। वर्दी में राजेश मीणा (एचसी) थे। आते ही उन्होंने हमारे को पकड़ा और हमारे साथ हाकी व लकड़ी से मारपीट की। हम भागने लगे तो हमें रोक लिया। हम जैसे चिल्लाए तो इन्होंने हमारी कार में तोड़फोड़ कर दी। फिर सिटी थाने से पुलिस वाले आ ग, जिन्होंने हमें समझाइश कर मिटी थाने छोड़ दिया। थोड़ी देर बाद राजेश मीणा एचसी व दोनों साथी लड़के थाने आकर थाने के अंदर ही मारपीट की। राजेश के पास पिस्टल थी, जिससे हमारे को धमकी दी कि जान से मार दूंगा। इन लोगों ने बेवजह हमारे साथ मारपीट की। सिटी थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच सीआई कुसुमलता को सौंपी है। वहीं, अजमेर एसपी वंदिता राणा ने मामले की जानकारी के बाद आरोपी हेड कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया। हैड कॉन्स्टेबल ने यह लगाए थे आरोप हेड कॉन्स्टेबल राजेश मीणा ने बताया- कल मुल्जिम के एस्कॉर्ट के लिए गुलगांव बॉर्डर तक गया और सावर पुलिस को सुपुर्द किया। इसी दौरान एसएचओ जगदीश प्रसाद चौधरी का फोन आया कि तुरन्त देवपुरा पहुंचे। देवपुरा पहुंचा और साथ में कॉन्स्टेबल कैलाश व ड्राइवर छोटू था। एक तरफ साठ सत्तर आदमी व दूसरी तरफ परिवादी के साथ पच्चीस तीस आदमी थे। परिवादी व उसकी पत्नी के साथ मारपीट हुई। एसएचओ व सीओ को जानकारी दी। सावर से एएसआई दायमा आता है। उसके बाद एसएचओ जगदीश प्रसाद चौधरी आया। एसएचओ ने कहा कि एमएलए का फोन आ गया और तुरन्त छोड़ दो। एमएलए ने भी धमकी दी। आज सस्पेंड कर दिया। चार डम्पर, चार ट्रेक्टर व दो जेसीबी लेकर थाने आया। थाने से छोड़ने का प्रयास कर रहे थे। छोड़ने नहीं दिया। इसी से नाराज होकर एमएलए ने दबाव डाला और सस्पेंड कराया। मुकदमा दर्ज कराया गया। इसमें मेरी कोई गलती नहीं।


