Donald Trump On Pakistan-Afghanistan War: क्या पाकिस्तान और अफगानिस्तान जंग में दखल देगा अमेरिका? डोनाल्ड ट्रंप ने कही यह बात

Donald Trump On Pakistan-Afghanistan War: क्या पाकिस्तान और अफगानिस्तान जंग में दखल देगा अमेरिका? डोनाल्ड ट्रंप ने कही यह बात

Donald Trump on Pakistan Afghanistan conflict: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच टकराव को टालने के लिए जहां चीन और रूस आगे आए हैं, वहीं इसको लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड (Donald Trump) ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अफगानिस्तान के हमले में पाकिस्तान के नागरिकों की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि उन्हें आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के साथ उनके रिश्ते बहुत अच्छे हैं।

जब उनसे पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच युद्ध में दखल देने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, ”मैं हस्तक्षेप करूंगा। मेरे पाकिस्तान के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं। उनके पास एक बेहतरीन प्रधानमंत्री हैं, एक बेहतरीन जनरल हैं और एक शानदार नेतृत्व है। ये दो ऐसे लोग हैं जिनका मैं बहुत सम्मान करता हूं। पाकिस्तान बहुत शानदार तरीके से आगे बढ़ रहा है।”

उधर, अमेरिका की राजनीतिक मामलों की अंडर सेक्रेटरी एलिसन हुकर ने भी अफगानिस्तान के साथ संघर्ष में जान गंवाने वालों के प्रति पाकिस्तान के लिए संवेदना व्यक्त की। उन्होंने आत्मरक्षा के अधिकार के समर्थन की भी पुष्टि की।

चीन और रूस ने क्या कहा?

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच टकराव को समाप्त करने के लिए चीन और रूस आगे आए हैं। दोनों देशों ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान से युद्ध समाप्त कर मतभेदों को राजनयिक माध्यमों से सुलझाने का आग्रह किया।

रूस की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने जारी बयान में कहा कि दोनों ओर से लोग हताहत हुए हैं। इनमें नागरिक भी शामिल हैं। हम अपने मित्र देशों पाकिस्तान और अफगानिस्तान से इस खतरनाक टकराव को रोकने, सभी मतभेदों को राजनीतिक और राजनयिक माध्यमों से सुलझाने के लिए बातचीत की मेज पर लौटने का आह्वान करते हैं। उधर, चीन ने भी दोनों पक्षों से संयम बरतने और तत्काल युद्धविराम की अपील की है।

संयुक्त राष्ट्र संघ ने जताई चिंता

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के मौजूद संघर्ष पर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने चिंता जताई। उनके प्रवक्ता की ओर से दोनों पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मतभेदों को कूटनीति के माध्यम से सुलझाने की अपील की गई।

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