पिंटू कुमार रेशम नगरी भागलपुर का पर्यटन के दृष्टिकोण से साल 2025 मिला-जुला रहा है। पर्यटन विभाग से जारी ताजे आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष की तुलना में इस साल देसी पर्यटकों की कम उपस्थिति दिखी। विदेशी पर्यटकों के आकर्षण के केंद्र के रूप में भागलपुर की लोकप्रियता बढ़ी है। साल 2025 में भागलपुर पहुंचने वाले देसी पर्यटकों की संख्या 17,55,868 रही, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 18,28,262 था। इस प्रकार देसी पर्यटकों की संख्या में 72,394 की गिरावट दर्ज की गई है। इसके विपरीत, विदेशी पर्यटकों के आंकड़ों ने उत्साह जगाया है। वर्ष 2024 में जहां 653 विदेशी सैलानी आए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 731 हो गई है, यानी कुल 78 विदेशी पर्यटकों की वृद्धि हुई है। महाकुंभ का क्रेज पड़ा भारी पर्यटन सूचना केंद्र, भागलपुर के प्रभारी के अनुसार देसी पर्यटकों की संख्या में कमी का कारण प्रयागराज में 144 साल बाद आयोजित महाकुंभ रहा। देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं का रुख प्रयागराज की ओर होने से भागलपुर के प्रमुख धार्मिक स्थलों जैसे अजगैबीनाथ धाम (सुल्तानगंज) और बटेश्वर स्थान पर गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पर सीधा असर पड़ा। ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थल विक्रमशिला विश्वविद्यालय, कोलगंज रॉक कट टेंपल, भागलपुर संग्रहालय, अजगैबीनाथ मंदिर, मंदार हिल, बूढ़ानाथ मंदिर, चम्पापुर दिगंबर जैन मंदिर, महर्षि मेंहीं आश्रम (कुप्पाघाट), विक्रमशिला गंगेटिक डॉल्फिन सेंचुरी, बरारी गंगा घाट ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थल हैं। सुविधाएं बढ़ने का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भागलपुर की ब्रांडिंग सफल होती दिख रही है। पर्यटन विभाग के अनुसार, आधारभूत सुविधाओं में सुधार और सोशल मीडिया के जरिए किए जा रहे प्रचार-प्रसार से विदेशी सैलानी खिंचे चले आ रहे हैं। हाल ही में 1 फरवरी को बिहार पर्यटन द्वारा बरारी गंगा घाट की एक खूबसूरत तस्वीर साझा करते हुए लिखा गया था- “आइए भागलपुर घाट पर सुकून महसूस करें, क्योंकि शांति हमेशा खूबसूरत होती है।’ पिंटू कुमार रेशम नगरी भागलपुर का पर्यटन के दृष्टिकोण से साल 2025 मिला-जुला रहा है। पर्यटन विभाग से जारी ताजे आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष की तुलना में इस साल देसी पर्यटकों की कम उपस्थिति दिखी। विदेशी पर्यटकों के आकर्षण के केंद्र के रूप में भागलपुर की लोकप्रियता बढ़ी है। साल 2025 में भागलपुर पहुंचने वाले देसी पर्यटकों की संख्या 17,55,868 रही, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 18,28,262 था। इस प्रकार देसी पर्यटकों की संख्या में 72,394 की गिरावट दर्ज की गई है। इसके विपरीत, विदेशी पर्यटकों के आंकड़ों ने उत्साह जगाया है। वर्ष 2024 में जहां 653 विदेशी सैलानी आए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 731 हो गई है, यानी कुल 78 विदेशी पर्यटकों की वृद्धि हुई है। महाकुंभ का क्रेज पड़ा भारी पर्यटन सूचना केंद्र, भागलपुर के प्रभारी के अनुसार देसी पर्यटकों की संख्या में कमी का कारण प्रयागराज में 144 साल बाद आयोजित महाकुंभ रहा। देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं का रुख प्रयागराज की ओर होने से भागलपुर के प्रमुख धार्मिक स्थलों जैसे अजगैबीनाथ धाम (सुल्तानगंज) और बटेश्वर स्थान पर गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पर सीधा असर पड़ा। ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थल विक्रमशिला विश्वविद्यालय, कोलगंज रॉक कट टेंपल, भागलपुर संग्रहालय, अजगैबीनाथ मंदिर, मंदार हिल, बूढ़ानाथ मंदिर, चम्पापुर दिगंबर जैन मंदिर, महर्षि मेंहीं आश्रम (कुप्पाघाट), विक्रमशिला गंगेटिक डॉल्फिन सेंचुरी, बरारी गंगा घाट ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थल हैं। सुविधाएं बढ़ने का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भागलपुर की ब्रांडिंग सफल होती दिख रही है। पर्यटन विभाग के अनुसार, आधारभूत सुविधाओं में सुधार और सोशल मीडिया के जरिए किए जा रहे प्रचार-प्रसार से विदेशी सैलानी खिंचे चले आ रहे हैं। हाल ही में 1 फरवरी को बिहार पर्यटन द्वारा बरारी गंगा घाट की एक खूबसूरत तस्वीर साझा करते हुए लिखा गया था- “आइए भागलपुर घाट पर सुकून महसूस करें, क्योंकि शांति हमेशा खूबसूरत होती है।’


