फतेहपुर जिले के खागा तहसील स्थित विजयीपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में डॉक्टरों द्वारा मरीजों को बाहर की दवाएं लिखने का मामला सामने आया है। इससे मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। इस संबंध में एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया गया है। वीडियो बीते सोमवार का बताया जा रहा है। इसमें काउंटर पर बैठा एक डॉक्टर मरीजों को बाहर की दवाएं लिखते हुए दिख रहा है। सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज के लिए आने वाले गरीब मरीजों को महंगी दवाएं बाहर से खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है। यह स्थिति सरकार के मुफ्त दवा उपलब्ध कराने के दावों पर सवाल खड़े करती है। कई मरीजों ने आरोप लगाया है कि पीएचसी में तैनात डॉक्टर उन्हें अस्पताल के आसपास स्थित मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदने की सलाह देते हैं। मरीजों का यह भी आरोप है कि इन मेडिकल स्टोर पर अलग-अलग कंपनियों की नकली दवाएं भी बेची जाती हैं। डॉक्टरों पर कमीशनखोरी के लिए मरीजों की सेहत से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया गया है। वीडियो 1 मिनट 34 सेकंड का है। इसमें एक व्यक्ति डॉक्टर को विजयीपुर पीएचसी का 9 फरवरी 2026 का पर्चा दिखाते हुए सवाल करता दिख रहा है। वह पूछ रहा है कि बाहर से दवा क्यों लिखी जा रही है, जबकि शासन के निर्देशानुसार अस्पताल से ही दवाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। वीडियो में मरीज संतलाल भी मौजूद हैं, जिसे बाहर की दवा लिखी गई है। संतलाल अपनी गरीबी का हवाला देते हुए कहता है कि वह सरकारी अस्पताल मुफ्त इलाज की वजह से आता है। उसका कहना है कि अगर उसके पास पैसा होता, तो वह किसी निजी अस्पताल में इलाज करवाता और इतनी भीड़ में लाइन में नहीं लगता। वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि अस्पताल के पर्चे के मुख्य पृष्ठ पर अस्पताल से दी जाने वाली दवाएं लिखी हैं, जबकि दूसरी तरफ डॉक्टर द्वारा बाहर से खरीदने वाली दवाएं लिखी गई हैं। हालांकि, दैनिक भास्कर इस वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। फतेहपुर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. राजीव नयन गिरी का कहना है कि वायरल वीडियो की जांच कराई जाएगी। अगर बाहर से दवाई लिखी जा रही है तो संबंधित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक के खिलाफ जांच कराने के साथ ही तथ्यों के आधार पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।


