प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने शुक्रवार सुबह विकास भवन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों की कार्यप्रगति की समीक्षा की। निरीक्षण में कुल 38 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, जबकि 24 कर्मचारी आकस्मिक अवकाश पर थे। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोका जाए और उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाए। डीएम ने सभी अधिकारियों को समय पर कार्यालय पहुंचने, उपस्थिति पंजिका को व्यवस्थित रखने तथा कार्यालयों में साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने फाइलों को भी सुव्यवस्थित रखने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि विकास भवन आने वाले लोगों की समस्याओं का मानवीय दृष्टिकोण से त्वरित और नियमानुसार निस्तारण किया जाना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायतराज, कृषि रक्षा, सहकारिता, ग्रामीण अभियंत्रण, लघु सिंचाई, प्रोबेशन, यूपीनेडा, कौशल विकास, समाज कल्याण और ग्रामोद्योग सहित कई विभागों के कर्मचारी अनुपस्थित मिले। डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए जाने या कार्यों में लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी को आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए गए। उन्हें भूमि विवाद से संबंधित मामलों की सूची बनाकर उपजिलाधिकारी से चिन्हांकन कराने और सहायिकाओं के चयन की प्रक्रिया एक सप्ताह में पूरी करने को भी कहा गया। सीएम डैशबोर्ड पर ‘सी’ और ‘डी’ श्रेणी में चल रही योजनाओं की प्रगति तेज कर उन्हें ‘ए’ और ‘बी’ श्रेणी में लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। यूपीनेडा से संबंधित पीएम सूर्य घर योजना में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने के लिए निर्देश दिए गए। लंबित प्रकरणों के निस्तारण हेतु विद्युत विभाग के साथ बैठक करने को कहा गया। समाज कल्याण विभाग को छात्रवृत्ति, वृद्धावस्था पेंशन और विधवा पेंशन के आवेदनों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा की। उन्होंने प्रतिदिन 11 हजार किसानों का पंजीकरण कराने का लक्ष्य तय किया। डीएम ने कोटेदार, प्रधान, लेखपाल और संबंधित अधिकारियों को इस अभियान को तेज कर समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।


