पटना में निजी स्कूलों की फीस मनमानी पर एक्शन:डीएम का सख्त आदेश-बिना अनुमति नहीं बढ़ेगी फीस, वसूली पर लगेगी रोक; नियम तोड़ने पर कार्रवाई

पटना में निजी स्कूलों की फीस मनमानी पर एक्शन:डीएम का सख्त आदेश-बिना अनुमति नहीं बढ़ेगी फीस, वसूली पर लगेगी रोक; नियम तोड़ने पर कार्रवाई

पटना जिले में निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस वसूली की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ने साफ कर दिया है कि अब शिक्षा के नाम पर किसी भी तरह की मनमानी नहीं चलेगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई होगी। क्या है पूरा मामला पिछले कुछ समय से अभिभावकों की ओर से यह शिकायत सामने आ रही थी कि कई निजी विद्यालय प्रवेश शुल्क, ट्यूशन फीस, विकास शुल्क, वार्षिक शुल्क के अलावा भी अलग-अलग नाम पर अतिरिक्त पैसे वसूल रहे हैं। कई मामलों में फीस की स्पष्ट जानकारी भी नहीं दी जा रही थी, जिससे अभिभावकों में असंतोष बढ़ रहा था। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी, पटना ने तुरंत संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम का सख्त निर्देश जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और सभी अनुमंडल पदाधिकारियों (SDO) को स्पष्ट आदेश दिया है कि वे निजी स्कूलों पर नजर रखें और यह सुनिश्चित करें कि सभी विद्यालय राज्य सरकार के निर्धारित प्रावधानों का तुरंत पालन करें। उन्होंने कहा कि कोई भी स्कूल मनमाने तरीके से फीस नहीं बढ़ा सकता। बिना अनुमति अतिरिक्त शुल्क वसूलना पूरी तरह गलत है। सभी फीस संरचना पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक करनी होगी। फीस में पारदर्शिता अनिवार्य प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि हर निजी विद्यालय को अपनी फीस से जुड़ी पूरी जानकारी स्कूल नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी। इससे अभिभावकों को पहले से ही पूरी जानकारी मिल सकेगी और किसी तरह की भ्रम की स्थिति नहीं बनेगी। शिकायतों पर होगी त्वरित कार्रवाई डीएम ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि यदि किसी अभिभावक की ओर से शिकायत मिलती है तो उसकी तत्काल जांच की जाए। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसा करने पर आर्थिक दंड (जुर्माना), प्रशासनिक कार्रवाई या अन्य कानूनी कदम उठाया जाएगा। छात्रों के हितों से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त- त्यागराजन जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने कहा कि, ‘छात्रों और अभिभावकों के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। शिक्षा के नाम पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालना पूरी तरह गलत है और इसे हर हाल में रोका जाएगा।’ सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के तहत शुल्क विनियमन समिति भी सक्रिय रहेगी। यह समिति स्कूलों की फीस से जुड़ी शिकायतों की जांच करेगी और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की सिफारिश करेगी। इससे फीस निर्धारण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और नियंत्रित होगी। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से चल रही मनमानी फीस वसूली पर अब लगाम लग सकती है और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी। पटना जिले में निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस वसूली की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ने साफ कर दिया है कि अब शिक्षा के नाम पर किसी भी तरह की मनमानी नहीं चलेगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई होगी। क्या है पूरा मामला पिछले कुछ समय से अभिभावकों की ओर से यह शिकायत सामने आ रही थी कि कई निजी विद्यालय प्रवेश शुल्क, ट्यूशन फीस, विकास शुल्क, वार्षिक शुल्क के अलावा भी अलग-अलग नाम पर अतिरिक्त पैसे वसूल रहे हैं। कई मामलों में फीस की स्पष्ट जानकारी भी नहीं दी जा रही थी, जिससे अभिभावकों में असंतोष बढ़ रहा था। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी, पटना ने तुरंत संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम का सख्त निर्देश जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और सभी अनुमंडल पदाधिकारियों (SDO) को स्पष्ट आदेश दिया है कि वे निजी स्कूलों पर नजर रखें और यह सुनिश्चित करें कि सभी विद्यालय राज्य सरकार के निर्धारित प्रावधानों का तुरंत पालन करें। उन्होंने कहा कि कोई भी स्कूल मनमाने तरीके से फीस नहीं बढ़ा सकता। बिना अनुमति अतिरिक्त शुल्क वसूलना पूरी तरह गलत है। सभी फीस संरचना पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक करनी होगी। फीस में पारदर्शिता अनिवार्य प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि हर निजी विद्यालय को अपनी फीस से जुड़ी पूरी जानकारी स्कूल नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी। इससे अभिभावकों को पहले से ही पूरी जानकारी मिल सकेगी और किसी तरह की भ्रम की स्थिति नहीं बनेगी। शिकायतों पर होगी त्वरित कार्रवाई डीएम ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि यदि किसी अभिभावक की ओर से शिकायत मिलती है तो उसकी तत्काल जांच की जाए। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसा करने पर आर्थिक दंड (जुर्माना), प्रशासनिक कार्रवाई या अन्य कानूनी कदम उठाया जाएगा। छात्रों के हितों से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त- त्यागराजन जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने कहा कि, ‘छात्रों और अभिभावकों के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। शिक्षा के नाम पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालना पूरी तरह गलत है और इसे हर हाल में रोका जाएगा।’ सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के तहत शुल्क विनियमन समिति भी सक्रिय रहेगी। यह समिति स्कूलों की फीस से जुड़ी शिकायतों की जांच करेगी और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की सिफारिश करेगी। इससे फीस निर्धारण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और नियंत्रित होगी। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से चल रही मनमानी फीस वसूली पर अब लगाम लग सकती है और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी।  

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