कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को फार्मर रजिस्ट्री योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए DM अविनाश सिंह ने कड़े तेवर दिखाए। तहसीलवार समीक्षा के दौरान सामने आया कि बहेड़ी और आंवला तहसील में फार्मर रजिस्ट्री का काम काफी पिछड़ा हुआ है। जिलाधिकारी ने इन क्षेत्रों में अत्यधिक पेंडेंसी पर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि अधिकारी स्टेट औसत के बराबर आने के लिए भरसक प्रयास करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। CSC केंद्रों का लेंगे सहारा, बनेगा नोडल अफसर
काम में तेजी लाने के लिए अब जन सुविधा केंद्रों (CSC) की भी मदद ली जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सीएससी प्रभारियों के साथ बैठक कर समन्वय स्थापित करें। हर तहसील में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो विशेष रूप से फार्मर रजिस्ट्री के कार्य की मॉनिटरिंग करेगा। इसके अलावा लेखपाल, अमीन, पंचायत सहायक, रोजगार सेवक और कृषि विभाग के कर्मचारियों की टीम बनाकर शेष बचे कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। बिना अनुमति ट्रेनिंग पर भेजने पर भड़के जिलाधिकारी
बैठक के दौरान एक अनुशासनहीनता का मामला भी सामने आया। उपनिदेशक कृषि ने जिलाधिकारी की बिना अनुमति के 16 टेक्निकल सहायकों और एग्री टेक्निकल मैनेजरों को ट्रेनिंग के लिए रहमान खेड़ा भेज दिया था। इस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और उपनिदेशक को अधिक क्रियाशील होकर काम करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अब दैनिक लक्ष्य निर्धारित कर काम करें ताकि जिले की रैंकिंग में सुधार हो सके। बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी देवयानी, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) पूर्णिमा सिंह, सभी एसडीएम, उपनिदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी सहित संबंधित विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे।


