डीएम ने फाइलेरिया की दवा खाकर अभियान की शुरुआत की:28 फरवरी तक चलेगा प्रोग्राम, जिलाधिकारी बोले- सामूहिक प्रयास से ही बीमारी का होगा खात्मा

डीएम ने फाइलेरिया की दवा खाकर अभियान की शुरुआत की:28 फरवरी तक चलेगा प्रोग्राम, जिलाधिकारी बोले- सामूहिक प्रयास से ही बीमारी का होगा खात्मा

भागलपुर में डीएम ने एक बैठक की। इस दौरान इन्होंने कहा कि कम्युनिटी से किसी भी बीमारी को पूरी तरह खत्म करने के लिए मास स्तर पर लोगों को दवा खिलाने का अभियान सबसे प्रभावी तरीका है। अभियानों से देश को पोलियो और चेचक जैसी गंभीर बीमारियों से मुक्त किया गया है। अब लक्ष्य फाइलेरिया उन्मूलन का है। आज राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 17 दिनों तक चलने वाले सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम का शुभारंभ समाहरणालय परिसर में किया गया। फाइलेरिया की दवा खाकर अभियान की शुरुआत डीएम ने स्वयं फाइलेरिया की दवा खाकर अभियान की शुरुआत की। डीएम ने बताया कि एमडीए अभियान के तहत 28 फरवरी तक जिले में घर-घर जाकर दो वर्ष से अधिक आयु के लोगों को उम्र के अनुसार फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई जाएगी। हालांकि दो साल से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, प्रसव के एक सप्ताह के भीतर की धात्री महिलाएं और गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों को यह दवा नहीं दी जाएगी। दवा पूरी तरह से सुरक्षित डीएम ने कहा कि फाइलेरिया की दवा पूरी तरह सुरक्षित है और इससे घबराने की जरूरत नहीं है। दवा खाली पेट नहीं खानी है, इसके लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि कम से कम चार घंटे पहले भोजन किया गया हो। डीएम डॉ. चौधरी ने कहा कि किसी भी अभियान की सफलता समाज के सभी वर्गों के सहयोग पर निर्भर करती है। उन्होंने शिक्षा विभाग, आईसीडीएस, जीविका, पंचायती राज, पुलिस प्रशासन, महादलित विकास मिशन, आपूर्ति विभाग सहित सभी संबंधित विभागों से इस अभियान को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग को पूरा सहयोग देने की अपील की। भागलपुर में डीएम ने एक बैठक की। इस दौरान इन्होंने कहा कि कम्युनिटी से किसी भी बीमारी को पूरी तरह खत्म करने के लिए मास स्तर पर लोगों को दवा खिलाने का अभियान सबसे प्रभावी तरीका है। अभियानों से देश को पोलियो और चेचक जैसी गंभीर बीमारियों से मुक्त किया गया है। अब लक्ष्य फाइलेरिया उन्मूलन का है। आज राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 17 दिनों तक चलने वाले सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम का शुभारंभ समाहरणालय परिसर में किया गया। फाइलेरिया की दवा खाकर अभियान की शुरुआत डीएम ने स्वयं फाइलेरिया की दवा खाकर अभियान की शुरुआत की। डीएम ने बताया कि एमडीए अभियान के तहत 28 फरवरी तक जिले में घर-घर जाकर दो वर्ष से अधिक आयु के लोगों को उम्र के अनुसार फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई जाएगी। हालांकि दो साल से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, प्रसव के एक सप्ताह के भीतर की धात्री महिलाएं और गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों को यह दवा नहीं दी जाएगी। दवा पूरी तरह से सुरक्षित डीएम ने कहा कि फाइलेरिया की दवा पूरी तरह सुरक्षित है और इससे घबराने की जरूरत नहीं है। दवा खाली पेट नहीं खानी है, इसके लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि कम से कम चार घंटे पहले भोजन किया गया हो। डीएम डॉ. चौधरी ने कहा कि किसी भी अभियान की सफलता समाज के सभी वर्गों के सहयोग पर निर्भर करती है। उन्होंने शिक्षा विभाग, आईसीडीएस, जीविका, पंचायती राज, पुलिस प्रशासन, महादलित विकास मिशन, आपूर्ति विभाग सहित सभी संबंधित विभागों से इस अभियान को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग को पूरा सहयोग देने की अपील की।  

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