पश्चिम चंपारण में बढ़ती ठंड और शीतलहर के मद्देनजर जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिले के सभी सरकारी, गैर-सरकारी, निजी विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों को 31 दिसंबर तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। यह आदेश प्री-स्कूल से लेकर 12वीं कक्षा तक की सभी शैक्षणिक गतिविधियों पर लागू होगा। जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने बताया कि ठंड और शीतलहर की स्थिति छोटे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। इसी को देखते हुए एहतियाती कदम के तौर पर यह निर्णय लिया गया है। बंदी का आदेश सभी शैक्षणिक संस्थानों पर होगा लागू प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बंदी का यह आदेश जिले के सभी प्रकार के शैक्षणिक संस्थानों पर समान रूप से लागू होगा। इसमें स्कूल, निजी और सरकारी कोचिंग संस्थान तथा आंगनबाड़ी केंद्र शामिल हैं। हालांकि, शैक्षणिक संस्थानों के प्रशासनिक कार्यों के लिए अलग से दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। बच्चों को अनावश्यक घर से बाहर न भेजने की अपील जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें और उन्हें अनावश्यक रूप से घर से बाहर न भेजें। प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर रख रहा है। यदि ठंड और शीतलहर का असर जारी रहता है, तो बंदी की अवधि बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। विद्यालयों को पुनः खोलने का निर्णय मौसम सामान्य होने के बाद ही लिया जाएगा। पश्चिम चंपारण में बढ़ती ठंड और शीतलहर के मद्देनजर जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिले के सभी सरकारी, गैर-सरकारी, निजी विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों को 31 दिसंबर तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। यह आदेश प्री-स्कूल से लेकर 12वीं कक्षा तक की सभी शैक्षणिक गतिविधियों पर लागू होगा। जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने बताया कि ठंड और शीतलहर की स्थिति छोटे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। इसी को देखते हुए एहतियाती कदम के तौर पर यह निर्णय लिया गया है। बंदी का आदेश सभी शैक्षणिक संस्थानों पर होगा लागू प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बंदी का यह आदेश जिले के सभी प्रकार के शैक्षणिक संस्थानों पर समान रूप से लागू होगा। इसमें स्कूल, निजी और सरकारी कोचिंग संस्थान तथा आंगनबाड़ी केंद्र शामिल हैं। हालांकि, शैक्षणिक संस्थानों के प्रशासनिक कार्यों के लिए अलग से दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। बच्चों को अनावश्यक घर से बाहर न भेजने की अपील जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें और उन्हें अनावश्यक रूप से घर से बाहर न भेजें। प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर रख रहा है। यदि ठंड और शीतलहर का असर जारी रहता है, तो बंदी की अवधि बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। विद्यालयों को पुनः खोलने का निर्णय मौसम सामान्य होने के बाद ही लिया जाएगा।


