नालंदा जिले में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान (एमडीए) की औपचारिक शुरुआत मंगलवार को जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने मॉडल अस्पताल में की। इस अवसर पर डीएम ने स्वयं छात्रों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाकर इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य अभियान का शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने फाइलेरिया रोधी दवा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह अभियान पूरे राज्य में एक साथ शुरू किया गया है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह अभियान दो चरणों में संचालित किया जाएगा। पहले चरण में 10 फरवरी से 24 फरवरी तक घर-घर जाकर लोगों को दवा दी जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में 25 फरवरी से 27 फरवरी तक कैंप मोड में बूथ स्तर पर यह कार्यक्रम आयोजित होगा। जिले के कुल 11 ब्लॉकों में यह अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत 18 लाख से अधिक लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा दी जानी है। इस विशाल अभियान को सफल बनाने के लिए 847 टीमें गठित की गई हैं, जिनमें तीन-तीन सदस्यों के साथ कुल 1,694 स्वास्थ्य कर्मी शामिल हैं। खाली पेट नहीं, खाना खाकर लें दवा जिलाधिकारी ने इस अभियान से जुड़ी दो महत्वपूर्ण बातों पर जोर देते हुए कहा कि दवा लेने से पहले कुछ खाना अत्यंत आवश्यक है। यह दवा खाली पेट नहीं लेनी चाहिए। साथ ही उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इस अभियान में सहयोग करने की अपील की। अस्पताल की सुविधाओं का भी लिया जायजा इस अवसर पर डीएम ने मॉडल अस्पताल में लगाए गए एआई कैमरे और अन्य आधुनिक सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अभियान के सफल संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कार्यक्रम में नालंदा के डीडीसी, सिविल सर्जन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम), उपाधीक्षक, मैनेजर, एकाउंटेंट समेत अन्य वरिष्ठ स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे। नालंदा जिले में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान (एमडीए) की औपचारिक शुरुआत मंगलवार को जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने मॉडल अस्पताल में की। इस अवसर पर डीएम ने स्वयं छात्रों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाकर इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य अभियान का शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने फाइलेरिया रोधी दवा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह अभियान पूरे राज्य में एक साथ शुरू किया गया है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह अभियान दो चरणों में संचालित किया जाएगा। पहले चरण में 10 फरवरी से 24 फरवरी तक घर-घर जाकर लोगों को दवा दी जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में 25 फरवरी से 27 फरवरी तक कैंप मोड में बूथ स्तर पर यह कार्यक्रम आयोजित होगा। जिले के कुल 11 ब्लॉकों में यह अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत 18 लाख से अधिक लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा दी जानी है। इस विशाल अभियान को सफल बनाने के लिए 847 टीमें गठित की गई हैं, जिनमें तीन-तीन सदस्यों के साथ कुल 1,694 स्वास्थ्य कर्मी शामिल हैं। खाली पेट नहीं, खाना खाकर लें दवा जिलाधिकारी ने इस अभियान से जुड़ी दो महत्वपूर्ण बातों पर जोर देते हुए कहा कि दवा लेने से पहले कुछ खाना अत्यंत आवश्यक है। यह दवा खाली पेट नहीं लेनी चाहिए। साथ ही उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इस अभियान में सहयोग करने की अपील की। अस्पताल की सुविधाओं का भी लिया जायजा इस अवसर पर डीएम ने मॉडल अस्पताल में लगाए गए एआई कैमरे और अन्य आधुनिक सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अभियान के सफल संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कार्यक्रम में नालंदा के डीडीसी, सिविल सर्जन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम), उपाधीक्षक, मैनेजर, एकाउंटेंट समेत अन्य वरिष्ठ स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।


