DM ने जीविका प्याज यूनिट का इंस्पेक्शन किया:शेखपुरा में अनियन पाउडर बिजनेस मॉडल एक्सपेंशन के निर्देश दिए

DM ने जीविका प्याज यूनिट का इंस्पेक्शन किया:शेखपुरा में अनियन पाउडर बिजनेस मॉडल एक्सपेंशन के निर्देश दिए

शेखपुरा में बुधवार शाम डीएम शेखर आनंद ने जिले के अरियरी प्रखंड के हजरतपुर मडरो पंचायत स्थित चांदी गांव में जीविका द्वारा संचालित सुखसागर जीविका महिला प्याज प्रसंस्करण उत्पादक समूह इकाई का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम शेखर आनंद ने जीविका दीदियों द्वारा प्याज पाउडर बनाने की पूरी प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने प्याज की खेती से लेकर उसके पाउडर के रूप में बाजार में बिक्री तक की प्रक्रिया को विस्तार से समझा। डीएम ने प्याज के साथ-साथ अदरक, लहसुन और हरी मिर्च की खरीददारी, भंडारण तथा उनके सूखे पाउडर बनाने में उपयोग होने वाली डिहाइड्रेटर और पीसने की मशीनों के कार्यों का भी जायजा लिया। बिक्री के लिए मार्केट लिंकेज स्थापित करने पर जोर निरीक्षण के बाद डीएम ने उत्पादों की पैकेजिंग और बाजार में बिक्री के लिए मार्केट लिंकेज स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने उचित भंडारण के लिए कार्य योजना बनाने के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने कल्याणी जीविका महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड के तहत संचालित इस व्यवसाय से जुड़ी दीदियों से भी बातचीत की। डीएम ने उनकी आजीविका गतिविधियों के बारे में जानकारी ली और चर्चा की। नीति आयोग ने 50 लाख 90 हजार 800 रुपये की राशि स्वीकृत की जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक संतोष कुमार सोनू ने बताया कि इन उत्पादों की बिक्री पटना सहित नई दिल्ली, भुवनेश्वर और रांची जैसे विभिन्न राज्यों की राजधानियों में आयोजित होने वाले सरस मेला और आजीविका मेला में स्टॉल लगाकर की जाती है। प्याज पाउडर और अन्य मसालों की बाजार में बढ़ती मांग को देखते हुए, नीति आयोग ने इस इकाई को और अधिक सुदृढ़ तथा सफल बनाने के लिए 50 लाख 90 हजार 800 रुपये की राशि स्वीकृत की है। शेखपुरा में बुधवार शाम डीएम शेखर आनंद ने जिले के अरियरी प्रखंड के हजरतपुर मडरो पंचायत स्थित चांदी गांव में जीविका द्वारा संचालित सुखसागर जीविका महिला प्याज प्रसंस्करण उत्पादक समूह इकाई का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम शेखर आनंद ने जीविका दीदियों द्वारा प्याज पाउडर बनाने की पूरी प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने प्याज की खेती से लेकर उसके पाउडर के रूप में बाजार में बिक्री तक की प्रक्रिया को विस्तार से समझा। डीएम ने प्याज के साथ-साथ अदरक, लहसुन और हरी मिर्च की खरीददारी, भंडारण तथा उनके सूखे पाउडर बनाने में उपयोग होने वाली डिहाइड्रेटर और पीसने की मशीनों के कार्यों का भी जायजा लिया। बिक्री के लिए मार्केट लिंकेज स्थापित करने पर जोर निरीक्षण के बाद डीएम ने उत्पादों की पैकेजिंग और बाजार में बिक्री के लिए मार्केट लिंकेज स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने उचित भंडारण के लिए कार्य योजना बनाने के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने कल्याणी जीविका महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड के तहत संचालित इस व्यवसाय से जुड़ी दीदियों से भी बातचीत की। डीएम ने उनकी आजीविका गतिविधियों के बारे में जानकारी ली और चर्चा की। नीति आयोग ने 50 लाख 90 हजार 800 रुपये की राशि स्वीकृत की जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक संतोष कुमार सोनू ने बताया कि इन उत्पादों की बिक्री पटना सहित नई दिल्ली, भुवनेश्वर और रांची जैसे विभिन्न राज्यों की राजधानियों में आयोजित होने वाले सरस मेला और आजीविका मेला में स्टॉल लगाकर की जाती है। प्याज पाउडर और अन्य मसालों की बाजार में बढ़ती मांग को देखते हुए, नीति आयोग ने इस इकाई को और अधिक सुदृढ़ तथा सफल बनाने के लिए 50 लाख 90 हजार 800 रुपये की राशि स्वीकृत की है।  

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