अररिया में फार्मर रजिस्ट्री अभियान को गति देने के लिए जिलाधिकारी विनोद दूहन ने स्वयं निरीक्षण किया। उन्होंने जोगबनी स्थित कचहरी नेता जी चौक और नरपतगंज प्रखंड के पंचायत बाबूआन में आयोजित फार्मर रजिस्ट्री कैंपों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने पंजीकरण प्रक्रिया का गहन जायजा लिया। उन्होंने मौके पर उपस्थित किसानों से सीधा संवाद किया और उनसे शीघ्रता से फार्मर रजिस्ट्री कराने की अपील की। फार्मर रजिस्ट्री अब किसानों की डिजिटल पहचान बन चुकी डीएम ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री अब किसानों की डिजिटल पहचान बन चुकी है। इसके माध्यम से पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, केसीसी, विभिन्न अनुदान और फसल क्षति मुआवजा जैसी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सकेगा। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को पंजीकरण कार्य में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए, ताकि जिले के अधिक से अधिक किसान इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ सकें। वर्तमान में अररिया जिले में लगभग 1.50 लाख किसानों का फार्मर रजिस्ट्री सफलतापूर्वक हो चुका है। रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और स्वयं के नाम से जमाबंदी अनिवार्य पंजीकरण प्रक्रिया सरल और निःशुल्क है। किसान अपने पंचायत के कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार या राजस्व कर्मचारी से संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या वसुधा केंद्र पर भी पंजीकरण कराया जा सकता है। तकनीकी रूप से सक्षम किसान स्वयं भी बिहार फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल (https://bhfr.agristack.gov.in/farmer-registry-bh/#/) पर जाकर अपना पंजीकरण कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और स्वयं के नाम से जमाबंदी अनिवार्य है। जिला प्रशासन ने सभी किसानों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और डिजिटल कृषि व्यवस्था से जुड़कर सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ प्राप्त करें। फार्मर रजिस्ट्री न केवल किसानों की पहचान को मजबूत करेगी, बल्कि भविष्य में कृषि संबंधी सभी सहायता को एक डिजिटल छतरी के नीचे लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अररिया में फार्मर रजिस्ट्री अभियान को गति देने के लिए जिलाधिकारी विनोद दूहन ने स्वयं निरीक्षण किया। उन्होंने जोगबनी स्थित कचहरी नेता जी चौक और नरपतगंज प्रखंड के पंचायत बाबूआन में आयोजित फार्मर रजिस्ट्री कैंपों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने पंजीकरण प्रक्रिया का गहन जायजा लिया। उन्होंने मौके पर उपस्थित किसानों से सीधा संवाद किया और उनसे शीघ्रता से फार्मर रजिस्ट्री कराने की अपील की। फार्मर रजिस्ट्री अब किसानों की डिजिटल पहचान बन चुकी डीएम ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री अब किसानों की डिजिटल पहचान बन चुकी है। इसके माध्यम से पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, केसीसी, विभिन्न अनुदान और फसल क्षति मुआवजा जैसी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सकेगा। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को पंजीकरण कार्य में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए, ताकि जिले के अधिक से अधिक किसान इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ सकें। वर्तमान में अररिया जिले में लगभग 1.50 लाख किसानों का फार्मर रजिस्ट्री सफलतापूर्वक हो चुका है। रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और स्वयं के नाम से जमाबंदी अनिवार्य पंजीकरण प्रक्रिया सरल और निःशुल्क है। किसान अपने पंचायत के कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार या राजस्व कर्मचारी से संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या वसुधा केंद्र पर भी पंजीकरण कराया जा सकता है। तकनीकी रूप से सक्षम किसान स्वयं भी बिहार फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल (https://bhfr.agristack.gov.in/farmer-registry-bh/#/) पर जाकर अपना पंजीकरण कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और स्वयं के नाम से जमाबंदी अनिवार्य है। जिला प्रशासन ने सभी किसानों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और डिजिटल कृषि व्यवस्था से जुड़कर सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ प्राप्त करें। फार्मर रजिस्ट्री न केवल किसानों की पहचान को मजबूत करेगी, बल्कि भविष्य में कृषि संबंधी सभी सहायता को एक डिजिटल छतरी के नीचे लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


