राष्ट्रीय सम्मान के साथ मधुबनी लौटे DM आनंद शर्मा:बैंड-बाजे के साथ हुआ भव्य स्वागत, राष्ट्रपति के हाथों मिला राष्ट्रीय स्तर का प्रथम पुरस्कार

राष्ट्रीय सम्मान के साथ मधुबनी लौटे DM आनंद शर्मा:बैंड-बाजे के साथ हुआ भव्य स्वागत, राष्ट्रपति के हाथों मिला राष्ट्रीय स्तर का प्रथम पुरस्कार

प्रशिक्षण एवं क्षमतावर्धन (Training Capacity Building) श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी आनंद शर्मा रविवार देर रात करीब 10 बजे मधुबनी पहुंचे। नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों यह प्रतिष्ठित सम्मान ग्रहण करने के बाद जब वे जिले में लौटे, तो पुलिस लाइन मधुबनी के समीप अधिकारियों, कर्मियों और नागरिकों द्वारा उनका बैंड-बाजे के साथ अत्यंत भव्य, गरिमामय और उत्साहपूर्ण स्वागत किया गया। पूरे वातावरण में गर्व, सम्मान और उल्लास की अनुभूति साफ झलक रही थी। पुलिस लाइन के पास देर रात उमड़ा सम्मान का सैलाब रविवार की रात जैसे ही डीएम आनंद शर्मा के मधुबनी पहुंचने की सूचना मिली, वैसे ही पुलिस लाइन के आसपास जिले के प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक एकत्र हो गए। बैंड-बाजे की धुन, पुष्पवर्षा और तालियों के बीच उनका स्वागत किया गया। देर रात होने के बावजूद लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। यह दृश्य इस बात का प्रतीक था कि यह सम्मान केवल एक अधिकारी का नहीं, बल्कि पूरे मधुबनी जिले का है। राष्ट्रपति के हाथों मिला राष्ट्रीय स्तर का प्रथम पुरस्कार गौरतलब है कि नई दिल्ली में आयोजित एक राष्ट्रीय समारोह में प्रशिक्षण एवं क्षमतावर्धन श्रेणी के अंतर्गत मधुबनी जिले को देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। इस उपलब्धि के लिए जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी आनंद शर्मा को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सम्मानित किया। यह पुरस्कार निर्वाचन प्रक्रिया में नवाचार, अधिकारियों और कर्मियों के प्रशिक्षण, मतदाता जागरूकता और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया गया है। यह सम्मान प्रशासन का नहीं, जनता का- DM आनंद शर्मा स्वागत समारोह के दौरान जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने भावुक और गर्व से भरे शब्दों में इस राष्ट्रीय पुरस्कार को मधुबनी की जनता को समर्पित किया। उन्होंने कहा, यह सम्मान प्रशासन का नहीं, बल्कि मधुबनी की जागरूक, लोकतंत्र-प्रिय और सहयोगी जनता का है। जनता का विश्वास, सक्रिय सहभागिता और सहयोग ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। यह पुरस्कार मधुबनी के हर नागरिक की लोकतांत्रिक चेतना को नमन है। उन्होंने आगे कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को सफल बनाने में आम मतदाताओं की भागीदारी, पारदर्शिता पर जनता का भरोसा, और अधिकारियों व कर्मचारियों का सतत समर्पण इस उपलब्धि की मजबूत नींव है। निर्वाचन प्रक्रिया में सहभागिता बनी सफलता की कुंजी डीएम ने कहा कि मधुबनी जिले में चुनाव के दौरान प्रशिक्षण, क्षमतावर्धन और मतदाता जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया। बूथ स्तर के कर्मियों से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक को बेहतर प्रशिक्षण देकर एक मजबूत टीम के रूप में तैयार किया गया। वहीं, मतदाताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए कई नवाचारी पहल की गईं। यही कारण है कि मधुबनी आज राष्ट्रीय स्तर पर एक उदाहरण बनकर उभरा है। अधिकारियों और कर्मियों के सामूहिक प्रयास की सराहना जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने इस अवसर पर जिले के सभी निर्वाचन कर्मियों, अधिकारियों और फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों की भी खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि बिना टीम वर्क के ऐसी कोई उपलब्धि संभव नहीं है। यह सम्मान हर उस कर्मचारी का है, जिसने दिन-रात मेहनत कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाया। जिले में दिखी नई ऊर्जा और आत्मविश्वास डीएम के सम्मानपूर्ण आगमन और भव्य स्वागत ने जिलेवासियों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया। अधिकारियों और कर्मचारियों का कहना है कि इस राष्ट्रीय उपलब्धि से मधुबनी जिले की पहचान देशभर में और मजबूत हुई है। यह सफलता आगे और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। मधुबनी की सकारात्मक कार्यसंस्कृति को मिली राष्ट्रीय पहचान यह उपलब्धि मधुबनी जिले की सकारात्मक कार्यसंस्कृति, प्रशासनिक दक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से दर्शाती है। प्रशिक्षण एवं क्षमतावर्धन के क्षेत्र में देशभर में पहला स्थान प्राप्त करना इस बात का प्रमाण है कि जन-प्रशासन और जनता की साझी भागीदारी से राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। जिले के लिए गौरव का क्षण कुल मिलाकर, राष्ट्रपति के हाथों मिला यह राष्ट्रीय पुरस्कार और डीएम आनंद शर्मा का भव्य स्वागत मधुबनी जिले के लिए गौरव का क्षण बन गया। यह न सिर्फ प्रशासन के लिए, बल्कि जिले के हर नागरिक के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है, जिसने यह साबित कर दिया कि मधुबनी लोकतंत्र की मजबूती में देश के अग्रणी जिलों में शामिल है। प्रशिक्षण एवं क्षमतावर्धन (Training Capacity Building) श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी आनंद शर्मा रविवार देर रात करीब 10 बजे मधुबनी पहुंचे। नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों यह प्रतिष्ठित सम्मान ग्रहण करने के बाद जब वे जिले में लौटे, तो पुलिस लाइन मधुबनी के समीप अधिकारियों, कर्मियों और नागरिकों द्वारा उनका बैंड-बाजे के साथ अत्यंत भव्य, गरिमामय और उत्साहपूर्ण स्वागत किया गया। पूरे वातावरण में गर्व, सम्मान और उल्लास की अनुभूति साफ झलक रही थी। पुलिस लाइन के पास देर रात उमड़ा सम्मान का सैलाब रविवार की रात जैसे ही डीएम आनंद शर्मा के मधुबनी पहुंचने की सूचना मिली, वैसे ही पुलिस लाइन के आसपास जिले के प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक एकत्र हो गए। बैंड-बाजे की धुन, पुष्पवर्षा और तालियों के बीच उनका स्वागत किया गया। देर रात होने के बावजूद लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। यह दृश्य इस बात का प्रतीक था कि यह सम्मान केवल एक अधिकारी का नहीं, बल्कि पूरे मधुबनी जिले का है। राष्ट्रपति के हाथों मिला राष्ट्रीय स्तर का प्रथम पुरस्कार गौरतलब है कि नई दिल्ली में आयोजित एक राष्ट्रीय समारोह में प्रशिक्षण एवं क्षमतावर्धन श्रेणी के अंतर्गत मधुबनी जिले को देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। इस उपलब्धि के लिए जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी आनंद शर्मा को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सम्मानित किया। यह पुरस्कार निर्वाचन प्रक्रिया में नवाचार, अधिकारियों और कर्मियों के प्रशिक्षण, मतदाता जागरूकता और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया गया है। यह सम्मान प्रशासन का नहीं, जनता का- DM आनंद शर्मा स्वागत समारोह के दौरान जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने भावुक और गर्व से भरे शब्दों में इस राष्ट्रीय पुरस्कार को मधुबनी की जनता को समर्पित किया। उन्होंने कहा, यह सम्मान प्रशासन का नहीं, बल्कि मधुबनी की जागरूक, लोकतंत्र-प्रिय और सहयोगी जनता का है। जनता का विश्वास, सक्रिय सहभागिता और सहयोग ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। यह पुरस्कार मधुबनी के हर नागरिक की लोकतांत्रिक चेतना को नमन है। उन्होंने आगे कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को सफल बनाने में आम मतदाताओं की भागीदारी, पारदर्शिता पर जनता का भरोसा, और अधिकारियों व कर्मचारियों का सतत समर्पण इस उपलब्धि की मजबूत नींव है। निर्वाचन प्रक्रिया में सहभागिता बनी सफलता की कुंजी डीएम ने कहा कि मधुबनी जिले में चुनाव के दौरान प्रशिक्षण, क्षमतावर्धन और मतदाता जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया। बूथ स्तर के कर्मियों से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक को बेहतर प्रशिक्षण देकर एक मजबूत टीम के रूप में तैयार किया गया। वहीं, मतदाताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए कई नवाचारी पहल की गईं। यही कारण है कि मधुबनी आज राष्ट्रीय स्तर पर एक उदाहरण बनकर उभरा है। अधिकारियों और कर्मियों के सामूहिक प्रयास की सराहना जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने इस अवसर पर जिले के सभी निर्वाचन कर्मियों, अधिकारियों और फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों की भी खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि बिना टीम वर्क के ऐसी कोई उपलब्धि संभव नहीं है। यह सम्मान हर उस कर्मचारी का है, जिसने दिन-रात मेहनत कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाया। जिले में दिखी नई ऊर्जा और आत्मविश्वास डीएम के सम्मानपूर्ण आगमन और भव्य स्वागत ने जिलेवासियों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया। अधिकारियों और कर्मचारियों का कहना है कि इस राष्ट्रीय उपलब्धि से मधुबनी जिले की पहचान देशभर में और मजबूत हुई है। यह सफलता आगे और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। मधुबनी की सकारात्मक कार्यसंस्कृति को मिली राष्ट्रीय पहचान यह उपलब्धि मधुबनी जिले की सकारात्मक कार्यसंस्कृति, प्रशासनिक दक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से दर्शाती है। प्रशिक्षण एवं क्षमतावर्धन के क्षेत्र में देशभर में पहला स्थान प्राप्त करना इस बात का प्रमाण है कि जन-प्रशासन और जनता की साझी भागीदारी से राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। जिले के लिए गौरव का क्षण कुल मिलाकर, राष्ट्रपति के हाथों मिला यह राष्ट्रीय पुरस्कार और डीएम आनंद शर्मा का भव्य स्वागत मधुबनी जिले के लिए गौरव का क्षण बन गया। यह न सिर्फ प्रशासन के लिए, बल्कि जिले के हर नागरिक के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है, जिसने यह साबित कर दिया कि मधुबनी लोकतंत्र की मजबूती में देश के अग्रणी जिलों में शामिल है।  

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