अरवल के डॉ. भीमराव अंबेडकर अनुसूचित जाति आवासीय बालिका उच्च विद्यालय में बुधवार को कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के अध्यक्ष सह जिला और सत्र न्यायाधीश ब्रजेश कुमार और सचिव रंजीत कुमार के निर्देश पर आयोजित हुआ। इसकी अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य डॉ. पवन कुमार ने की। तस्करी और यौन शोषण पर जानकारी शिविर में छात्राओं को तस्करी और वाणिज्यिक यौन शोषण से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। इसका मुख्य उद्देश्य यौन शोषण से प्रभावित छात्राओं को कानूनी सहायता प्रदान करना और उनके पुनर्वास में मदद करना था। पीड़ितों को सहायता का लक्ष्य पैनल अधिवक्ता सह जिला बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. राजेश चंद्रा ने बताया कि शिविर का लक्ष्य पीड़ितों को आगे की पढ़ाई जारी रखने में सहायता करना है। इससे वे अपनी आजीविका कमा सकेंगी और समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त कर सकेंगी। उन्होंने शारीरिक, वित्तीय, मनोवैज्ञानिक और मानसिक बाधाओं का भी जिक्र किया, जिनका सामना ऐसी छात्राओं को करना पड़ता है। बाल विवाह से नुकसान डॉ. चंद्रा ने बाल विवाह से होने वाले नुकसान पर भी प्रकाश डाला और बढ़ते लैंगिक अनुपात का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पिछले साल एक लाख बाल विवाह रोकने में सफलता मिली है। केंद्र सरकार देश को बाल विवाह से पूरी तरह मुक्त करने के लिए प्रयासरत है। इसके तहत एक विशेष पोर्टल भी बनाया गया है, जिस पर बाल विवाह से संबंधित शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं। ये लोग रहे मौजूद इस अवसर पर पैरा लीगल वालंटियर (न्याय मित्र) मो. इरफान आलम और ओमप्रकाश कुमार, विद्यालय के शिक्षक मो. रजा खान सहित कई छात्राएं, शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित थीं। अरवल के डॉ. भीमराव अंबेडकर अनुसूचित जाति आवासीय बालिका उच्च विद्यालय में बुधवार को कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के अध्यक्ष सह जिला और सत्र न्यायाधीश ब्रजेश कुमार और सचिव रंजीत कुमार के निर्देश पर आयोजित हुआ। इसकी अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य डॉ. पवन कुमार ने की। तस्करी और यौन शोषण पर जानकारी शिविर में छात्राओं को तस्करी और वाणिज्यिक यौन शोषण से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। इसका मुख्य उद्देश्य यौन शोषण से प्रभावित छात्राओं को कानूनी सहायता प्रदान करना और उनके पुनर्वास में मदद करना था। पीड़ितों को सहायता का लक्ष्य पैनल अधिवक्ता सह जिला बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. राजेश चंद्रा ने बताया कि शिविर का लक्ष्य पीड़ितों को आगे की पढ़ाई जारी रखने में सहायता करना है। इससे वे अपनी आजीविका कमा सकेंगी और समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त कर सकेंगी। उन्होंने शारीरिक, वित्तीय, मनोवैज्ञानिक और मानसिक बाधाओं का भी जिक्र किया, जिनका सामना ऐसी छात्राओं को करना पड़ता है। बाल विवाह से नुकसान डॉ. चंद्रा ने बाल विवाह से होने वाले नुकसान पर भी प्रकाश डाला और बढ़ते लैंगिक अनुपात का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पिछले साल एक लाख बाल विवाह रोकने में सफलता मिली है। केंद्र सरकार देश को बाल विवाह से पूरी तरह मुक्त करने के लिए प्रयासरत है। इसके तहत एक विशेष पोर्टल भी बनाया गया है, जिस पर बाल विवाह से संबंधित शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं। ये लोग रहे मौजूद इस अवसर पर पैरा लीगल वालंटियर (न्याय मित्र) मो. इरफान आलम और ओमप्रकाश कुमार, विद्यालय के शिक्षक मो. रजा खान सहित कई छात्राएं, शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित थीं।


