मुजफ्फरनगर में शत्रु संपत्ति की अवैध बिक्री को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि शाहबूद्दीनपुर क्षेत्र में कुछ भूमाफिया अवैध रूप से शत्रु संपत्ति की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। ज्ञापन में बताया गया कि यह संपत्ति मूल रूप से जिया मोहम्मद और मोहम्मद सफी की थी, जो बंटवारे के समय पाकिस्तान चले गए थे, जिसके बाद इसे शत्रु संपत्ति घोषित कर दिया गया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भूमाफिया राजनीतिक संरक्षण और कुछ राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से इस संपत्ति को अपने नाम दर्ज कराकर बेच रहे हैं। उन्होंने इसे सरकारी नियमों का उल्लंघन और सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जे का गंभीर मामला बताया। कार्यकर्ताओं ने योगी आदित्यनाथ सरकार की भूमाफियाओं के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हवाला देते हुए इस प्रकरण में भी सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, इसमें शामिल अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। ज्ञापन सौंपने वालों में अरुण प्रताप सिंह, पवन मित्तल, पवन पांचाल, संजय वाल्मीकि, वैभव यादव, पंकज त्यागी, राजेश शर्मा और राजेंद्र धीमान सहित कई कार्यकर्ता शामिल थे।


