इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बार बार समय दिये जाने के बावजूद जवाबी हलफनामा दाखिल न करने को गंभीरता से लिया है और जिला समाज कल्याण अधिकारी मऊ को 23 फरवरी को हाजिर होने का निर्देश दिया है। साथ ही पांच हजार रुपए हर्जाना लगाते हुए उन्हें जवाबी हलफनामा दाखिल करने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने कहा है कि हर्जाना राशि जिला समाज कल्याण अधिकारी अपने खाते से जमा करेंगे। यह आदेश न्यायमूर्ति अनीस कुमार गुप्ता ने शंभूनाथ सिंह की याचिका पर दिया है। याची अधिवक्ता का कहना है कि शंभू नाथ सिंह वर्ष 2015 में जिला समाज कल्याण अधिकारी, (विकास ) मऊ के पद से सेवा निवृत हुए। सेवा निवृत होने के बाद मिलने वाले परिलाभो का भुगतान नहीं किया गया। वर्ष 2020 में याचिका दाखिल की। कोर्ट ने जवाब दाखिल करने का कई अवसर दिया, फिर भी हलफनामा दाखिल नहीं किया गया। जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया है।


