अररिया में बिहार सरकार के सात निश्चय-3.0 के तहत “सबका सम्मान-जीवन आसान” कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को समाहरणालय स्थित परमान सभागार में जनता दरबार का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी अररिया विनोद दूहन की अध्यक्षता में आयोजित इस दरबार में भूमि विवाद से संबंधित सर्वाधिक आवेदन प्राप्त हुए। जिलाधिकारी ने बारी-बारी से फरियादियों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य पंचायत एवं जिला स्तर पर आम नागरिकों की समस्याओं का सीधा, त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। जबरन भूमि कब्जा किए जाने की शिकायत दर्ज कराई जनता दरबार में भूमि विवाद से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामले सामने आए। साधना झा ने दूसरे पक्ष द्वारा जबरन भूमि कब्जा किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। राजा बैठा ने अपनी भूमि को रोक सूची से हटाने का अनुरोध किया। वहीं, राजेंद्र प्रसाद और इकलाख अहमद ने भूमाफियाओं द्वारा निजी भूमि पर गलत जमाबंदी कायम करने की शिकायत की। निर्वाचन में किए गए कार्य की दैनिक मजदूरी भुगतान की मांग रखी भूमि विवाद के अतिरिक्त अन्य प्रकार की शिकायतें भी प्राप्त हुईं। मनोज कुमार ने बीरनगर पश्चिम पंचायत में अनुज्ञप्ति रद्द जन वितरण प्रणाली दुकानदार द्वारा मिलीभगत कर दुकान संचालन के संबंध में शिकायत दर्ज कराई। मो. पिंकी देवी ने अनुकंपा के आधार पर नियोजन की मांग की। दीपक कुमार, प्रवीण कुमार, अंकित कुमार सहित अन्य ने संयुक्त आवेदन देकर निर्वाचन में किए गए कार्य की दैनिक मजदूरी भुगतान की मांग रखी। मुआवजा भुगतान सहित अन्य मामलों पर भी सुनवाई इसी प्रकार, जनता दरबार में प्राथमिक विद्यालय रामकृपाल महतो टोला भरगामा तथा उच्च माध्यमिक विद्यालय बटुरबाड़ी अररिया की भूमि अतिक्रमण करने, लंबित वेतन भुगतान और भू-अर्जन से संबंधित मुआवजा भुगतान सहित अन्य मामलों पर भी सुनवाई की गई। इस अवसर पर अपर समाहर्ता अनिल कुमार झा, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन नवनील कुमार, उप विकास आयुक्त रोजी कुमारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता अररिया एवं फारबिसगंज, सहायक निदेशक दिव्यांगजन कोषांग, अंचलाधिकारी अररिया सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे। अररिया में बिहार सरकार के सात निश्चय-3.0 के तहत “सबका सम्मान-जीवन आसान” कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को समाहरणालय स्थित परमान सभागार में जनता दरबार का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी अररिया विनोद दूहन की अध्यक्षता में आयोजित इस दरबार में भूमि विवाद से संबंधित सर्वाधिक आवेदन प्राप्त हुए। जिलाधिकारी ने बारी-बारी से फरियादियों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य पंचायत एवं जिला स्तर पर आम नागरिकों की समस्याओं का सीधा, त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। जबरन भूमि कब्जा किए जाने की शिकायत दर्ज कराई जनता दरबार में भूमि विवाद से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामले सामने आए। साधना झा ने दूसरे पक्ष द्वारा जबरन भूमि कब्जा किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। राजा बैठा ने अपनी भूमि को रोक सूची से हटाने का अनुरोध किया। वहीं, राजेंद्र प्रसाद और इकलाख अहमद ने भूमाफियाओं द्वारा निजी भूमि पर गलत जमाबंदी कायम करने की शिकायत की। निर्वाचन में किए गए कार्य की दैनिक मजदूरी भुगतान की मांग रखी भूमि विवाद के अतिरिक्त अन्य प्रकार की शिकायतें भी प्राप्त हुईं। मनोज कुमार ने बीरनगर पश्चिम पंचायत में अनुज्ञप्ति रद्द जन वितरण प्रणाली दुकानदार द्वारा मिलीभगत कर दुकान संचालन के संबंध में शिकायत दर्ज कराई। मो. पिंकी देवी ने अनुकंपा के आधार पर नियोजन की मांग की। दीपक कुमार, प्रवीण कुमार, अंकित कुमार सहित अन्य ने संयुक्त आवेदन देकर निर्वाचन में किए गए कार्य की दैनिक मजदूरी भुगतान की मांग रखी। मुआवजा भुगतान सहित अन्य मामलों पर भी सुनवाई इसी प्रकार, जनता दरबार में प्राथमिक विद्यालय रामकृपाल महतो टोला भरगामा तथा उच्च माध्यमिक विद्यालय बटुरबाड़ी अररिया की भूमि अतिक्रमण करने, लंबित वेतन भुगतान और भू-अर्जन से संबंधित मुआवजा भुगतान सहित अन्य मामलों पर भी सुनवाई की गई। इस अवसर पर अपर समाहर्ता अनिल कुमार झा, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन नवनील कुमार, उप विकास आयुक्त रोजी कुमारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता अररिया एवं फारबिसगंज, सहायक निदेशक दिव्यांगजन कोषांग, अंचलाधिकारी अररिया सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।


