सलूम्बर में राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर महिला अधिकारिता विभाग और राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय ने संयुक्त रूप से जिलास्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को उनके अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। महिला अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक रामकिशोर खदाव ने कहा कि शिक्षा बालिकाओं के जीवन की सबसे मजबूत पूंजी है। उन्होंने बालिकाओं से आत्मनिर्भर बनने, अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया। सलूम्बर ब्लॉक पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार ने बालिकाओं को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने, स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आत्मविश्वास ही सफलता की पहली सीढ़ी है। विद्यालय के उप-प्राचार्य धर्मेंद्र कुमार भटनागर ने बालिका शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक शिक्षित बालिका पूरे समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखती है। कार्यक्रम में व्याख्याता सुशीला मंडोवरा, सपना और संजय खटीक ने भी छात्राओं को समानता, आत्मसम्मान और सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। निबंध लेखन और पोस्टर प्रतियोगिता के माध्यम से बालिकाओं ने बालिका शिक्षा, समानता और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर अपने विचार सशक्त रूप से प्रस्तुत किए। अतिथियों द्वारा प्रतियोगिताओं में विजेता रही छात्राओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम में महिला अधिकारिता विभाग के समस्त ब्लॉक सुपरवाइजर, वन स्टॉप सेंटर से केंद्र प्रबंधक और कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और बालिकाओं ने बाल विवाह मुक्त भारत की शपथ ली। इस कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं के सशक्तिकरण, सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य का सशक्त संदेश दिया गया।


