सीवान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को जिला प्रशासन की ओर से अंबेडकर संवाद भवन में जिलास्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रये ने किया। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा, वन प्रमंडल पदाधिकारी मेघा यादव सहित जिले की कई महिला पदाधिकारी मौजूद रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसमें जिला पदाधिकारी, एसपी, वन प्रमंडल पदाधिकारी और अन्य महिला अधिकारियों ने भाग लिया। इसके बाद विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला पदाधिकारियों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम का आयोजन समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत महिला विकास निगम की ओर से किया गया था। कार्यक्रम स्थल पर अधिकांश कुर्सियां खाली दिखाई दीं
हालांकि पूरे कार्यक्रम के दौरान एक हैरान करने वाला दृश्य देखने को मिला। कार्यक्रम महिलाओं को समर्पित था और इसका आयोजन भी महिला विकास से जुड़े विभाग द्वारा किया गया था, लेकिन इसके बावजूद कार्यक्रम स्थल पर अधिकांश कुर्सियां खाली दिखाई दीं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस आईसीडीएस विभाग के अंतर्गत महिला विकास से जुड़े कई पदाधिकारी और कर्मी कार्यरत हैं, उनकी उपस्थिति कार्यक्रम में लगभग शून्य रही। जानकारी के अनुसार आईसीडीएस विभाग में परियोजना पदाधिकारी से लेकर महिला पर्यवेक्षिकाएं तक अधिकांश पदों पर महिलाएं ही कार्यरत हैं, लेकिन महिला दिवस जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उनकी अनुपस्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए। बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली पड़ी रहीं
यहां तक कि जिला पदाधिकारी के संबोधन के दौरान भी हॉल में बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली पड़ी रहीं, जो कार्यक्रम की तैयारी और समन्वय पर सवाल खड़े करता है। कार्यक्रम के दौरान जब इस मुद्दे पर जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रये से सवाल किया गया कि जिस विभाग द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, उसी विभाग के अधिकारी और कर्मी कार्यक्रम से नदारद क्यों हैं, तो उन्होंने इस पर कार्रवाई की बात कहने के बजाय सफाई देते हुए कहा कि अगले दिन से विभाग द्वारा विस्तृत कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा और उसकी तैयारी चल रही है। जिला पदाधिकारी के इस जवाब के बाद यह चर्चा शुरू हो गई है कि जब खुद डीएम ही विभाग का बचाव करते नजर आए, तो फिर विभागीय लापरवाही पर कार्रवाई की उम्मीद कैसे की जाए। सीवान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को जिला प्रशासन की ओर से अंबेडकर संवाद भवन में जिलास्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रये ने किया। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा, वन प्रमंडल पदाधिकारी मेघा यादव सहित जिले की कई महिला पदाधिकारी मौजूद रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसमें जिला पदाधिकारी, एसपी, वन प्रमंडल पदाधिकारी और अन्य महिला अधिकारियों ने भाग लिया। इसके बाद विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला पदाधिकारियों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम का आयोजन समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत महिला विकास निगम की ओर से किया गया था। कार्यक्रम स्थल पर अधिकांश कुर्सियां खाली दिखाई दीं
हालांकि पूरे कार्यक्रम के दौरान एक हैरान करने वाला दृश्य देखने को मिला। कार्यक्रम महिलाओं को समर्पित था और इसका आयोजन भी महिला विकास से जुड़े विभाग द्वारा किया गया था, लेकिन इसके बावजूद कार्यक्रम स्थल पर अधिकांश कुर्सियां खाली दिखाई दीं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस आईसीडीएस विभाग के अंतर्गत महिला विकास से जुड़े कई पदाधिकारी और कर्मी कार्यरत हैं, उनकी उपस्थिति कार्यक्रम में लगभग शून्य रही। जानकारी के अनुसार आईसीडीएस विभाग में परियोजना पदाधिकारी से लेकर महिला पर्यवेक्षिकाएं तक अधिकांश पदों पर महिलाएं ही कार्यरत हैं, लेकिन महिला दिवस जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उनकी अनुपस्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए। बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली पड़ी रहीं
यहां तक कि जिला पदाधिकारी के संबोधन के दौरान भी हॉल में बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली पड़ी रहीं, जो कार्यक्रम की तैयारी और समन्वय पर सवाल खड़े करता है। कार्यक्रम के दौरान जब इस मुद्दे पर जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रये से सवाल किया गया कि जिस विभाग द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, उसी विभाग के अधिकारी और कर्मी कार्यक्रम से नदारद क्यों हैं, तो उन्होंने इस पर कार्रवाई की बात कहने के बजाय सफाई देते हुए कहा कि अगले दिन से विभाग द्वारा विस्तृत कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा और उसकी तैयारी चल रही है। जिला पदाधिकारी के इस जवाब के बाद यह चर्चा शुरू हो गई है कि जब खुद डीएम ही विभाग का बचाव करते नजर आए, तो फिर विभागीय लापरवाही पर कार्रवाई की उम्मीद कैसे की जाए।


