शेखपुरा में जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने स्कूली बच्चों के बीच मादक पदार्थों के सेवन और उससे बचाव को लेकर एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान के तहत जिले के विभिन्न सरकारी और निजी विद्यालयों में विशेष शिविरों का आयोजन किया गया। प्राधिकार के नामित अधिवक्ताओं और विधिक स्वयंसेवकों द्वारा इन शिविरों में स्कूली बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों को मादक पदार्थों के दुरुपयोग और उनके दुष्प्रभावों से बचने के बारे में कानूनी जानकारी प्रदान की गई। इसका उद्देश्य समाज को नशे के खिलाफ जागरूक करना था। नशे के खिलाफ जागरूक करना था उद्देश्य प्राप्त जानकारी के अनुसार, शेखोपुरसराय प्रखंड के उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय मोहब्बतपुर में अधिवक्ता ओम प्रकाश सिंह के नेतृत्व में एक शिविर लगाया गया। इसमें विधिक स्वयंसेवक धर्मेंद्र कुमार सिंह, प्रधानाध्यापक रमाकांत कुमार और शिक्षक दीपक कुमार, मीता कुमारी, रवि रंजन कुमार, शश कला, चंदन कुमार शामिल हुए। इसी क्रम में, घाटकुसुंभा प्रखंड क्षेत्र के माफो उत्क्रमित उच्च विद्यालय में प्राधिकार के अधिवक्ता पंकज कुमार के नेतृत्व में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में विधिक स्वयंसेवक संदीप कुमार और प्रधानाध्यापक भागीरथ प्रसाद उपस्थित रहे। नगर क्षेत्र के गिरिहिंडा स्थित निजी पब्लिक स्कूल एकलव्य में भी एक शिविर का आयोजन हुआ। इसका नेतृत्व प्राधिकार के अधिवक्ता आतोश कुमार और विधिक स्वयंसेवक श्याम सुंदर प्रसाद ने किया। कुप्रभावों के बारे में नाटकीय अंदाज में जानकारी दी गई इन शिविरों में छात्र-छात्राओं को मादक पदार्थों के प्रयोग और मानव शरीर पर उनके कुप्रभावों के बारे में नाटकीय अंदाज में जानकारी दी गई। उन्हें मादक पदार्थों के अवैध व्यापार के नेटवर्क के बारे में भी बताया गया। सभी से अपील की गई कि वे नशे से दूर रहें और इस अवैध कारोबार में लिप्त लोगों को पुलिस या कानून के हवाले करें। जागरूकता शिविरों में बच्चों को बाल विवाह से दूर रहने, किसी भी प्रकार के नशे से बचने और अन्य उपयोगी बातों की भी जानकारी देने का प्रयास किया गया। शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अधिवक्ताओं ने लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा लोगों के हित में सभी प्रकार के कानूनी पहलुओं पर जागरूकता करने के साथ-साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा लोगों को हर कठिनाई से दूर करने के लिए मदद को लेकर किए जाने वाले उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। छोटे-मोटे मामलों के निपटारा करने की भी सलाह दी गई जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा जेल में बंद लोगों के साथ-साथ गरीब दलित महिला आदि को मुफ्त में हर प्रकार के कानूनी मदद पहुंचाने के प्रावधान के बारे में जानकारी दी गई। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा मध्यस्थता के माध्यम से आपसी विवाद को सुलझाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के बारे में भी लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया गया। इस अभियान का लोगों को लाभ लेने की अपील की गई लोगों को लोक अदालत के माध्यम से अपने छोटे-मोटे मामलों के निपटारा करने की भी सलाह दी गई। शेखपुरा में जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने स्कूली बच्चों के बीच मादक पदार्थों के सेवन और उससे बचाव को लेकर एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान के तहत जिले के विभिन्न सरकारी और निजी विद्यालयों में विशेष शिविरों का आयोजन किया गया। प्राधिकार के नामित अधिवक्ताओं और विधिक स्वयंसेवकों द्वारा इन शिविरों में स्कूली बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों को मादक पदार्थों के दुरुपयोग और उनके दुष्प्रभावों से बचने के बारे में कानूनी जानकारी प्रदान की गई। इसका उद्देश्य समाज को नशे के खिलाफ जागरूक करना था। नशे के खिलाफ जागरूक करना था उद्देश्य प्राप्त जानकारी के अनुसार, शेखोपुरसराय प्रखंड के उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय मोहब्बतपुर में अधिवक्ता ओम प्रकाश सिंह के नेतृत्व में एक शिविर लगाया गया। इसमें विधिक स्वयंसेवक धर्मेंद्र कुमार सिंह, प्रधानाध्यापक रमाकांत कुमार और शिक्षक दीपक कुमार, मीता कुमारी, रवि रंजन कुमार, शश कला, चंदन कुमार शामिल हुए। इसी क्रम में, घाटकुसुंभा प्रखंड क्षेत्र के माफो उत्क्रमित उच्च विद्यालय में प्राधिकार के अधिवक्ता पंकज कुमार के नेतृत्व में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में विधिक स्वयंसेवक संदीप कुमार और प्रधानाध्यापक भागीरथ प्रसाद उपस्थित रहे। नगर क्षेत्र के गिरिहिंडा स्थित निजी पब्लिक स्कूल एकलव्य में भी एक शिविर का आयोजन हुआ। इसका नेतृत्व प्राधिकार के अधिवक्ता आतोश कुमार और विधिक स्वयंसेवक श्याम सुंदर प्रसाद ने किया। कुप्रभावों के बारे में नाटकीय अंदाज में जानकारी दी गई इन शिविरों में छात्र-छात्राओं को मादक पदार्थों के प्रयोग और मानव शरीर पर उनके कुप्रभावों के बारे में नाटकीय अंदाज में जानकारी दी गई। उन्हें मादक पदार्थों के अवैध व्यापार के नेटवर्क के बारे में भी बताया गया। सभी से अपील की गई कि वे नशे से दूर रहें और इस अवैध कारोबार में लिप्त लोगों को पुलिस या कानून के हवाले करें। जागरूकता शिविरों में बच्चों को बाल विवाह से दूर रहने, किसी भी प्रकार के नशे से बचने और अन्य उपयोगी बातों की भी जानकारी देने का प्रयास किया गया। शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अधिवक्ताओं ने लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा लोगों के हित में सभी प्रकार के कानूनी पहलुओं पर जागरूकता करने के साथ-साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा लोगों को हर कठिनाई से दूर करने के लिए मदद को लेकर किए जाने वाले उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। छोटे-मोटे मामलों के निपटारा करने की भी सलाह दी गई जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा जेल में बंद लोगों के साथ-साथ गरीब दलित महिला आदि को मुफ्त में हर प्रकार के कानूनी मदद पहुंचाने के प्रावधान के बारे में जानकारी दी गई। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा मध्यस्थता के माध्यम से आपसी विवाद को सुलझाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के बारे में भी लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया गया। इस अभियान का लोगों को लाभ लेने की अपील की गई लोगों को लोक अदालत के माध्यम से अपने छोटे-मोटे मामलों के निपटारा करने की भी सलाह दी गई।


