जिला विधिज्ञ संघ औरंगाबाद के कार्यसमिति चुनाव 2026–28 को लेकर चुनाव प्रचार बुधवार को खत्म हो गया है। अब गुरुवार 12 मार्च को मतदान होगा, जिसमें कुल 847 मतदाता 66 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं के बीच कोर्ट परिसर में राजनीति सरगर्मी बढ़ी हुई है और विभिन्न पदों के उम्मीदवारों ने अपने पक्ष में मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए अंतिम दिन पूरी ताकत झोंक दी। चुनाव समिति के अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद सिंह और सहायक सदस्य कामता प्रसाद सिंह, सरोज रंजन सिन्हा, राधेश्याम सिंह और अभय कुमार ने बताया कि मतदान गुरुवार की सुबह 10 बजे से शुरू होगा। मतदान के लिए 3 बूथ बनाए गए हैं। पहले बूथ पर क्रम संख्या 1 से 300 तक के मतदाता, दूसरे बूथ पर 301 से 600 तक के मतदाता और तीसरे बूथ पर 601 से 847 तक के मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। बताया कि कार्यसमिति के 27 सदस्यीय पदों के लिए कुल 66 उम्मीदवार मैदान में हैं। उम्मीदवार अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे चुनाव में अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, अंकेक्षक, निगरानी सदस्य और पुस्तकालय अध्यक्ष जैसे एकल पदों के अलावा 5 पद बहुसदस्यीय हैं। अध्यक्ष-सचिव पद को लेकर अधिवक्ताओं के बीच विशेष उत्साह देखा जा रहा है। दोनों पदों के उम्मीदवार अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। अध्यक्ष पद के लिए वर्तमान अध्यक्ष विजय कुमार पाण्डेय, पूर्व सचिव नागेंद्र सिंह और अरुण शर्मा के बीच मुकाबला है। वहीं, महासचिव पद के लिए पूर्व सचिव परशुराम सिंह, प्रमोद कुमार सिंह, अखिलेश कुमार, रामोतार यादव, सतीश कुमार सिंह, विजय कुमार सिंह और नीरज कुमार मंटू सहित कई उम्मीदवार मैदान में हैं।
उम्मीदवार को मतदान बूथ के अंदर रहने की अनुमति नहीं होगी चुनाव समिति ने मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए कई निर्देश जारी किए हैं। मतदाताओं को वोट देने के लिए केवल चुनाव समिति की ओर से उपलब्ध कराई गई स्केच पेन का ही उपयोग करना होगा। साथ ही किसी भी उम्मीदवार को मतदान बूथ के अंदर रहने की अनुमति नहीं होगी। चुनाव समिति ने बताया कि शांतिपूर्ण मतदान के लिए प्रधान जिला जज, पुलिस अधीक्षक और नगर थाना को सूचना देकर पर्याप्त पुलिस बल की मांग की गई है। व्यवहार न्यायालय परिसर में मतदान के दौरान भी न्यायिक कार्य सामान्य रूप से संचालित होता रहेगा। जिला विधिज्ञ संघ औरंगाबाद के कार्यसमिति चुनाव 2026–28 को लेकर चुनाव प्रचार बुधवार को खत्म हो गया है। अब गुरुवार 12 मार्च को मतदान होगा, जिसमें कुल 847 मतदाता 66 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं के बीच कोर्ट परिसर में राजनीति सरगर्मी बढ़ी हुई है और विभिन्न पदों के उम्मीदवारों ने अपने पक्ष में मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए अंतिम दिन पूरी ताकत झोंक दी। चुनाव समिति के अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद सिंह और सहायक सदस्य कामता प्रसाद सिंह, सरोज रंजन सिन्हा, राधेश्याम सिंह और अभय कुमार ने बताया कि मतदान गुरुवार की सुबह 10 बजे से शुरू होगा। मतदान के लिए 3 बूथ बनाए गए हैं। पहले बूथ पर क्रम संख्या 1 से 300 तक के मतदाता, दूसरे बूथ पर 301 से 600 तक के मतदाता और तीसरे बूथ पर 601 से 847 तक के मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। बताया कि कार्यसमिति के 27 सदस्यीय पदों के लिए कुल 66 उम्मीदवार मैदान में हैं। उम्मीदवार अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे चुनाव में अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, अंकेक्षक, निगरानी सदस्य और पुस्तकालय अध्यक्ष जैसे एकल पदों के अलावा 5 पद बहुसदस्यीय हैं। अध्यक्ष-सचिव पद को लेकर अधिवक्ताओं के बीच विशेष उत्साह देखा जा रहा है। दोनों पदों के उम्मीदवार अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। अध्यक्ष पद के लिए वर्तमान अध्यक्ष विजय कुमार पाण्डेय, पूर्व सचिव नागेंद्र सिंह और अरुण शर्मा के बीच मुकाबला है। वहीं, महासचिव पद के लिए पूर्व सचिव परशुराम सिंह, प्रमोद कुमार सिंह, अखिलेश कुमार, रामोतार यादव, सतीश कुमार सिंह, विजय कुमार सिंह और नीरज कुमार मंटू सहित कई उम्मीदवार मैदान में हैं।
उम्मीदवार को मतदान बूथ के अंदर रहने की अनुमति नहीं होगी चुनाव समिति ने मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए कई निर्देश जारी किए हैं। मतदाताओं को वोट देने के लिए केवल चुनाव समिति की ओर से उपलब्ध कराई गई स्केच पेन का ही उपयोग करना होगा। साथ ही किसी भी उम्मीदवार को मतदान बूथ के अंदर रहने की अनुमति नहीं होगी। चुनाव समिति ने बताया कि शांतिपूर्ण मतदान के लिए प्रधान जिला जज, पुलिस अधीक्षक और नगर थाना को सूचना देकर पर्याप्त पुलिस बल की मांग की गई है। व्यवहार न्यायालय परिसर में मतदान के दौरान भी न्यायिक कार्य सामान्य रूप से संचालित होता रहेगा।


