वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आम बजट पेश किए जाने के बाद जबलपुर में चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (JCCI) के सदस्यों ने हलवा खिलाकर बजट का स्वागत किया। हालांकि बजट को लेकर उद्योग, व्यापार और ट्रांसपोर्ट से जुड़े संगठनों की राय एक जैसी नहीं रही। दैनिक भास्कर ने जबलपुर के उद्योगपतियों, व्यापारियों और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों से बात की। किसी ने इसे संतुलित बताया तो किसी ने रोजगार, एक्सपोर्ट और डिफेंस जैसे मुद्दों पर निराशा जताई। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… JCCI अध्यक्ष प्रेम दुबे बोले- उद्योगों को प्राथमिकता अच्छी JCCI अध्यक्ष प्रेम दुबे ने कहा कि सरकार ने बजट को संतुलित बनाने की कोशिश की है। मध्य प्रदेश के लिए 1 लाख 41 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि बजट भाषण के शुरुआती 10 मिनट उद्योगों को समर्पित होना सकारात्मक संकेत है। यह बजट का सबसे बेहतर हिस्सा रहा हालांकि उन्होंने चिंता जताई कि एक्सपोर्ट को लेकर कोई ठोस नीति नहीं लाई गई। अमेरिका और यूरोप जैसे देशों से व्यापार में आ रही रुकावटों के समाधान पर सरकार को ध्यान देना चाहिए था। उनका कहना है कि बड़ी योजनाओं का लाभ देश के चुनिंदा बड़े उद्योगपतियों तक सीमित रह जाता है, जबकि छोटे और मध्यम उद्योग इससे वंचित रह जाते हैं। प्राची नामदेव ने कहा- महिलाओं और टैक्स पर निराशा JCCI सदस्य प्राची नामदेव ने बजट को आंशिक रूप से राहत देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारियों की दवाइयों और आम उपयोग की कई वस्तुओं, खासकर चमड़े से जुड़े उत्पादों पर राहत दी गई है। उनका मानना है कि जबलपुर में इंडस्ट्री के लिए नए अवसर बन सकते हैं और कपड़ा उद्योग में संभावनाएं बढ़ेंगी। हालांकि टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया, जिससे मध्यम वर्ग को राहत नहीं मिली। उन्होंने कहा कि महिलाएं व्यापार में आगे बढ़ रही हैं, लेकिन उनके लिए न तो कोई बड़ी घोषणा हुई और न ही एआई प्रशिक्षण जैसी भविष्य की जरूरतों पर ध्यान दिया गया। मनु शरद तिवारी ने कहा- शेयर बाजार और सुरक्षा पर बजट खरा नहीं उतरा कॉन्फिडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स (CIT) के महामंत्री मनु शरद तिवारी ने बजट को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बजट पेश होते ही शेयर बाजार 1500 अंकों तक गिर गया, जिससे साफ है कि बाजार को यह बजट पसंद नहीं आया। उन्होंने रोजगार को लेकर डायरेक्ट घोषणा न होने पर सवाल उठाए। साथ ही रेल और हवाई सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर बजट में चुप्पी को निराशाजनक बताया। डिफेंस सेक्टर को लेकर उन्होंने कहा कि जबलपुर को बड़े डिफेंस कॉरिडोर से उम्मीद थी, लेकिन पिछले सात सालों से यह अधूरा है और इस बजट में भी इस पर कोई बात नहीं की गई। ट्रक ऑपरेटर संगठन: डीजल और अवैध वसूली पर चुप्पी से हताशा ऑल इंडिया ट्रक ऑपरेटर वेलफेयर एसोसिएशन के मध्यप्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सिंह पादे ने कहा कि ट्रांसपोर्ट देश की रीढ़ है, लेकिन बजट में इसे पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू करते समय ‘एक देश, एक कर’ का वादा किया गया था, लेकिन डीजल को अब तक जीएसटी के दायरे में नहीं लाया गया। अगर ऐसा होता तो डीजल 30 से 40 रुपए प्रति लीटर सस्ता हो सकता था, जिससे ट्रांसपोर्ट लागत घटती और महंगाई कम होती। इसके अलावा ट्रक मालिकों से हो रही अवैध वसूली पर भी कोई घोषणा नहीं की गई, जिससे ट्रांसपोर्टर्स में निराशा है। संतुलन की कोशिश, लेकिन कई वर्ग खुद को उपेक्षित मान रहे कुल मिलाकर जबलपुर के उद्योग और व्यापार जगत ने बजट को संतुलित प्रयास माना है, लेकिन एक्सपोर्ट, रोजगार, महिलाओं, ट्रांसपोर्ट और डिफेंस जैसे मुद्दों पर अपेक्षाएं पूरी नहीं होने की बात कही है। बजट से राहत और उम्मीद दोनों हैं, तो सवाल और नाराजगी भी।


