पटना में न्यूरो आंकोलॉजी के आधुनिक इलाज पर मंथन:ट्यूमर के इलाज में सर्जरी के अलावा कई ऑप्शन पर चर्चा, डॉ बोले- टारगेटेड थेरेपी बेहतर

पटना में न्यूरो आंकोलॉजी के आधुनिक इलाज पर मंथन:ट्यूमर के इलाज में सर्जरी के अलावा कई ऑप्शन पर चर्चा, डॉ बोले- टारगेटेड थेरेपी बेहतर

पटना के चाणक्य होटल में शनिवार को न्यूरो आंकोलॉजी के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों और समग्र इलाज पद्धति को लेकर एक शैक्षणिक सम्मेलन ‘बियोन्ड द ब्लेड’ का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में विशेषज्ञों ने सेंट्रल नर्वस सिस्टम के ट्यूमर के इलाज में सर्जरी से आगे बढ़कर आधुनिक विकल्पों पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. आर. बी. शर्मा ने ऐसे शैक्षणिक सम्मेलनों को समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा एक ही बीमारी के सभी संभावित इलाज विकल्पों पर साझा मंथन मरीजों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में सराहनीय प्रयास है। ब्रेन और नर्वस सिस्टम के ट्यूमर का होगा प्रॉपर इलाज मौके पर सम्मेलन की आयोजन सचिव रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अमृता राकेश ने बताया कि कार्यक्रम न्यूरो ऑन्कोलॉजी के तहत ब्रेन और नर्वस सिस्टम के ट्यूमर के उपचार निर्धारण पर केंद्रित रहा। इसमें आधुनिक मॉलिक्यूलर जांच, उन्नत इमेजिंग तकनीक, आवश्यकतानुसार रेडिएशन, सर्जरी और दवा के साथ-साथ मरीज और परिजनों को मानसिक रूप से सकारात्मक बनाए रखने की रणनीतियों पर भी चर्चा की गई। वरिष्ठ ऑन्कोलॉजिस्ट और सवेरा कैंसर अस्पताल के निदेशक डॉ. वी. पी. सिंह ने कहा कि नर्वस सिस्टम के ट्यूमर के इलाज में अब केवल सर्जरी ही एकमात्र विकल्प नहीं है, बल्कि मरीज की स्थिति के अनुसार अन्य उपचार पद्धतियों का भी प्रभावी ढंग से उपयोग किया जा सकता है। टारगेटेड थैरेपी बेहतर महावीर कैंसर संस्थान की चिकित्सा निदेशक डॉ. मनीषा सिंह ने ब्रेन ट्यूमर के एक प्रकार ग्लियोमा के इलाज में उपलब्ध टारगेटेड थैरेपी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पारंपरिक कीमोथेरेपी की तुलना में अधिक सटीक है और स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान नहीं पहुंचाती। यह सम्मेलन सोसाइटी ऑफ ऑंकोलोजी एवं सवेरा कैंसर हॉस्पिटल के द्वारा आयोजित किया गया था। सम्मेलन में मेडिकल ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. अविनाश पांडेय, डॉ. पी. एन. पंडित सहित शहर के कई वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ, न्यूरो सर्जन और पैथोलॉजी विशेषज्ञ उपस्थित रहे। पटना के चाणक्य होटल में शनिवार को न्यूरो आंकोलॉजी के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों और समग्र इलाज पद्धति को लेकर एक शैक्षणिक सम्मेलन ‘बियोन्ड द ब्लेड’ का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में विशेषज्ञों ने सेंट्रल नर्वस सिस्टम के ट्यूमर के इलाज में सर्जरी से आगे बढ़कर आधुनिक विकल्पों पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. आर. बी. शर्मा ने ऐसे शैक्षणिक सम्मेलनों को समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा एक ही बीमारी के सभी संभावित इलाज विकल्पों पर साझा मंथन मरीजों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में सराहनीय प्रयास है। ब्रेन और नर्वस सिस्टम के ट्यूमर का होगा प्रॉपर इलाज मौके पर सम्मेलन की आयोजन सचिव रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अमृता राकेश ने बताया कि कार्यक्रम न्यूरो ऑन्कोलॉजी के तहत ब्रेन और नर्वस सिस्टम के ट्यूमर के उपचार निर्धारण पर केंद्रित रहा। इसमें आधुनिक मॉलिक्यूलर जांच, उन्नत इमेजिंग तकनीक, आवश्यकतानुसार रेडिएशन, सर्जरी और दवा के साथ-साथ मरीज और परिजनों को मानसिक रूप से सकारात्मक बनाए रखने की रणनीतियों पर भी चर्चा की गई। वरिष्ठ ऑन्कोलॉजिस्ट और सवेरा कैंसर अस्पताल के निदेशक डॉ. वी. पी. सिंह ने कहा कि नर्वस सिस्टम के ट्यूमर के इलाज में अब केवल सर्जरी ही एकमात्र विकल्प नहीं है, बल्कि मरीज की स्थिति के अनुसार अन्य उपचार पद्धतियों का भी प्रभावी ढंग से उपयोग किया जा सकता है। टारगेटेड थैरेपी बेहतर महावीर कैंसर संस्थान की चिकित्सा निदेशक डॉ. मनीषा सिंह ने ब्रेन ट्यूमर के एक प्रकार ग्लियोमा के इलाज में उपलब्ध टारगेटेड थैरेपी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पारंपरिक कीमोथेरेपी की तुलना में अधिक सटीक है और स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान नहीं पहुंचाती। यह सम्मेलन सोसाइटी ऑफ ऑंकोलोजी एवं सवेरा कैंसर हॉस्पिटल के द्वारा आयोजित किया गया था। सम्मेलन में मेडिकल ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. अविनाश पांडेय, डॉ. पी. एन. पंडित सहित शहर के कई वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ, न्यूरो सर्जन और पैथोलॉजी विशेषज्ञ उपस्थित रहे।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *