कैमूर में 6 मार्च 2026 को जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में हुई आपदा प्रबंधन समीक्षा बैठक में विभिन्न आपदाओं से प्रभावित परिवारों को राहत राशि वितरण की विस्तृत समीक्षा की गई। वर्ष 2025 में डूबने, वज्रपात, लू, अगलगी और दीवार गिरने जैसी घटनाओं से हुई जनहानि के मामलों में कुल 3 करोड़ 32 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान वितरित किया जा चुका है। डूबने से हुई 73 मौतों में से 64 लाभुकों को प्रति व्यक्ति 4 लाख रुपये की दर से 2.56 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इसके अतिरिक्त, वज्रपात के 15, लू के 1, अगलगी के 1 और दीवार गिरने के 1 मामले में सभी प्रभावितों को 4-4 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई है। 88 परिवारों को किया गया भुगतान अगलगी से हुई क्षति के लिए गृह क्षति मद में 5,45,500 रुपए, 88 परिवारों को नकद/खाद्यान्न के रूप में 5,61,500 रुपए और वस्त्र-बर्तन के लिए 3,62,500 रुपए वितरित किए गए। मृत पशुओं के लिए 9,79,000 रुपये तथा 61.77 एकड़ फसल क्षति के विरुद्ध 4,53,364 रुपए का भुगतान भी किया गया है। जिला प्रशासन ने आपदा पीड़ितों को समय पर सहायता पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई है। सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शेष लंबित मामलों का सत्यापन कर अविलंब भुगतान सुनिश्चित करें। कैमूर में 6 मार्च 2026 को जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में हुई आपदा प्रबंधन समीक्षा बैठक में विभिन्न आपदाओं से प्रभावित परिवारों को राहत राशि वितरण की विस्तृत समीक्षा की गई। वर्ष 2025 में डूबने, वज्रपात, लू, अगलगी और दीवार गिरने जैसी घटनाओं से हुई जनहानि के मामलों में कुल 3 करोड़ 32 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान वितरित किया जा चुका है। डूबने से हुई 73 मौतों में से 64 लाभुकों को प्रति व्यक्ति 4 लाख रुपये की दर से 2.56 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इसके अतिरिक्त, वज्रपात के 15, लू के 1, अगलगी के 1 और दीवार गिरने के 1 मामले में सभी प्रभावितों को 4-4 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई है। 88 परिवारों को किया गया भुगतान अगलगी से हुई क्षति के लिए गृह क्षति मद में 5,45,500 रुपए, 88 परिवारों को नकद/खाद्यान्न के रूप में 5,61,500 रुपए और वस्त्र-बर्तन के लिए 3,62,500 रुपए वितरित किए गए। मृत पशुओं के लिए 9,79,000 रुपये तथा 61.77 एकड़ फसल क्षति के विरुद्ध 4,53,364 रुपए का भुगतान भी किया गया है। जिला प्रशासन ने आपदा पीड़ितों को समय पर सहायता पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई है। सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शेष लंबित मामलों का सत्यापन कर अविलंब भुगतान सुनिश्चित करें।


