गोंडा में एक 35 वर्षीय दिव्यांग व्यक्ति को कागजों में मृत घोषित कर दिया गया है। खाद्य एवं रसद विभाग ने उसके राशन कार्ड से नाम भी काट दिया, जबकि वह व्यक्ति जीवित है। तरबगंज विधानसभा क्षेत्र के दुफेड़िया गांव निवासी दिव्यांग संदीप कुमार (35) को जब राशन कार्ड से नाम कटने की जानकारी मिली, तो वह पूर्ति कार्यालय पहुंचे। यहां उन्हें बताया गया कि उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है। संदीप ने अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इसके बाद संदीप ने भाजपा विधायक प्रेम नारायण पांडेय से संपर्क किया। विधायक ने अपने लेटर पैड पर जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) को पत्र लिखकर बताया कि संदीप कुमार जीवित हैं और उनका नाम गलत तरीके से काटा गया है। विधायक ने राशन कार्ड की पात्रता सूची में उनका नाम फिर से शामिल करने और दोषियों के खिलाफ जांच कर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। विधायक का पत्र लेकर पीड़ित दिव्यांग संदीप कुमार गोंडा जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय पहुंचे उन्होंने पत्र सौंपकर खुद के जीवित होने का दावा किया है। इस मामले के सामने आने के बाद जिला पूर्ति विभाग में हड़कंप मच गया। गोंडा के जिला पूर्ति अधिकारी कुंवर दिनेश प्रताप सिंह ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। पीड़ित संदीप कुमार ने बताया, “मैं परेशान हूं, मुझे कागजों में मृत दिखा दिया गया है, जबकि मैं जीवित हूं। मैं चाहता हूं कि जिन लोगों ने भी ऐसा किया है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।” जिला पूर्ति अधिकारी कुंवर दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है कि किन परिस्थितियों में नाम काटा गया। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विधायक का पत्र मिलने की पुष्टि भी की।


