प्रयागराज परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के स्वामी चिदानंद सरस्वती द्वारा संचालित ‘दिव्यांगता मुक्त भारत’ अभियान के तहत प्रयागराज में 22 से 27 फरवरी 2026 के बीच निःशुल्क दिव्यांगता मुक्त शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह शिविर महावीर सेवा सदन, कोलकाता के सहयोग से आयोजित हो रहा है। शिविर नैनी के अरैल स्थित परमार्थ त्रिवेणी पुष्प परिसर में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा। पंजीकरण की अंतिम तिथि 15 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है। परमार्थ त्रिवेणी पुष्प के व्यवस्थापक डॉ. पुष्पेंद्र ने बताया कि यह शिविर परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष एवं स्वामी शुक देवानन्द ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी, साथ ही परमार्थ त्रिवेणी पुष्प प्रयागराज के चेयरमैन पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती के नेतृत्व में आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि यह पहल मानवता, करुणा और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का सशक्त उदाहरण है। शिविर का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने की शक्ति, आत्मविश्वास और स्वावलंबन प्रदान करना है, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
शिविर में विशेषज्ञों की प्रशिक्षित टीम द्वारा दिव्यांगजनों का परीक्षण, परामर्श तथा कृत्रिम अंग, कैलिपर और अन्य सहायक उपकरण पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। खास बात यह है कि लाभार्थियों को बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे उसी दिन माप, उसी दिन फिटिंग और उसी दिन नई शुरुआत का संकल्प लिया गया है। डॉ. पुष्पेंद्र ने बताया कि वर्ष 2012 से परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश और महावीर सेवा सदन, कोलकाता संयुक्त रूप से उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, गुजरात, ओडिशा और उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों में ऐसे शिविर आयोजित कर रहे हैं। अब तक लाखों लाभार्थी इन शिविरों से लाभान्वित हो चुके हैं। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों के लिए एक विशेष अत्याधुनिक एम्बुलेंस भी तैयार की गई है, जो ऊबड़-खाबड़ रास्तों और ऊंचाई वाले इलाकों में भी सेवाएं दे सकती है।


