जीविका के निदेशक ने किया जीविका के कार्यों का निरीक्षण:समीक्षा बैठक कर कार्यों में तेजी लाने पर दिया जोर, संचालित योजनाओं की जानकारी भी ली

जीविका के निदेशक ने किया जीविका के कार्यों का निरीक्षण:समीक्षा बैठक कर कार्यों में तेजी लाने पर दिया जोर, संचालित योजनाओं की जानकारी भी ली

जीविका के निदेशक रामनिरंजन सिंह ने सोमवार को बेगूसराय जिले में संचालित जीविका की विभिन्न गतिविधियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जिले में चल रहे कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा डीपीसीयू सभागार में की। जिसमें संबंधित प्रबंधकों को कार्यों में और तेजी लाने तथा लक्ष्य को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान जीविका के डीपीएम अविनाश कुमार ने जिले में संचालित जीविका की विभिन्न गतिविधियों एवं उपलब्धियों से निदेशक को अवगत कराया। इसके बाद निरीक्षण के दौरान निदेशक ने स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों, आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों तथा समुदाय स्तर पर संचालित विभिन्न पहलों की जानकारी ली। महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण की दिशा में काम हो रहा निदेशक ने कहा कि जीविका के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण की दिशा में लगातार कार्य हो रहा है। इसलिए सभी कर्मियों को प्रतिबद्धता के साथ योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान देना चाहिए। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को एक क्रांतिकारी कदम बताते हुए कहा कि आने वाले दिनों में औद्योगिक क्रांति का कारण बनेगा। उन्होंने अधिकारियों और कर्मियों से वित्तीय प्रबंधन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि समूहों को आत्मनिर्भर बनाने तथा योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक है। इसके साथ ही क्षेत्र में बेहतर समन्वय के साथ काम करते हुए निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करने पर बल दिया। ब्लॉक मेंटर की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए निदेशक ने लगातार क्षेत्र भ्रमण पर बल दिया है। निरीक्षण के दौरान निदेशक रामनिरंजन सिंह ने दीदी की रसोई, जिला परियोजना समन्वयन इकाई (डीपीसीयू), दीदी का सिलाई घर आदि का भी निरीक्षण किया। इस अवसर पर जीविका के जिला स्तरीय प्रबंधक, अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे। जीविका के निदेशक रामनिरंजन सिंह ने सोमवार को बेगूसराय जिले में संचालित जीविका की विभिन्न गतिविधियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जिले में चल रहे कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा डीपीसीयू सभागार में की। जिसमें संबंधित प्रबंधकों को कार्यों में और तेजी लाने तथा लक्ष्य को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान जीविका के डीपीएम अविनाश कुमार ने जिले में संचालित जीविका की विभिन्न गतिविधियों एवं उपलब्धियों से निदेशक को अवगत कराया। इसके बाद निरीक्षण के दौरान निदेशक ने स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों, आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों तथा समुदाय स्तर पर संचालित विभिन्न पहलों की जानकारी ली। महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण की दिशा में काम हो रहा निदेशक ने कहा कि जीविका के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण की दिशा में लगातार कार्य हो रहा है। इसलिए सभी कर्मियों को प्रतिबद्धता के साथ योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान देना चाहिए। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को एक क्रांतिकारी कदम बताते हुए कहा कि आने वाले दिनों में औद्योगिक क्रांति का कारण बनेगा। उन्होंने अधिकारियों और कर्मियों से वित्तीय प्रबंधन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि समूहों को आत्मनिर्भर बनाने तथा योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक है। इसके साथ ही क्षेत्र में बेहतर समन्वय के साथ काम करते हुए निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करने पर बल दिया। ब्लॉक मेंटर की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए निदेशक ने लगातार क्षेत्र भ्रमण पर बल दिया है। निरीक्षण के दौरान निदेशक रामनिरंजन सिंह ने दीदी की रसोई, जिला परियोजना समन्वयन इकाई (डीपीसीयू), दीदी का सिलाई घर आदि का भी निरीक्षण किया। इस अवसर पर जीविका के जिला स्तरीय प्रबंधक, अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।  

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