घर में वकालत की चर्चा, बहस और फाइलों के बीच पले-बढ़े अमृतांश अग्रवाल ने बचपन से ही कानूनी पेशे को बहुत करीब से देखा। पिता सहित परिवार के अधिकतर सदस्य वकील हैं। घर में वकालत की चर्चा, बहस और फाइलों के बीच उनका बचपन बीता। इसी माहौल ने उन्हें कानून की पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। पढ़ाई के दौरान उन्होंने उज्जैन, इंदौर और दिल्ली में इंटर्नशिप की। इस दौरान उन्होंने देखा कि लोग सही वकील तक समय पर नहीं पहुंच पाते। देर से सलाह मिलने पर केस और उलझ जाते हैं। इसी समस्या ने उन्हें सोचने पर मजबूर किया। पढ़ाई पूरी होते ही उन्होंने टेक्निकल टीम के साथ मिलकर करीब डेढ़ साल की मेहनत से ‘वकील नाउ’ नाम का ऑनलाइन लीगल सर्विस प्लेटफॉर्म तैयार किया। यह प्लेटफॉर्म आम लोगों, व्यापारियों और स्टार्टअप को सीधे मान्यता प्राप्त वकीलों से जोड़ता है। यहां ऑनलाइन सलाह, दस्तावेज तैयार करना और केस से जुड़ी जानकारी सुरक्षित तरीके से मिलती है। आज इस पोर्टल से कई लोग और वकील जुड़ चुके हैं। अमृतांश का उद्देश्य है कि हर व्यक्ति को समय पर सही कानूनी सलाह मिल सके। आमजन और वकीलों की दूरी कम करेगा सवाल : वकील नाउ को शुरू करने का उद्देश्य क्या है?
यह एक ऑनलाइन लीगल सर्विस प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य आम लोगों को समय पर, सही और भरोसेमंद कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है। यह जनता और वकीलों के बीच की दूरी को कम करेगा और कानूनी सेवाओं को सरल बनाएगा। सवाल : आम नागरिक इस पोर्टल का उपयोग कैसे कर सकते हैं?
कोई भी गूगल पर वकील नाउ सर्च कर पोर्टल पर जा सकता है। मोबाइल पर ओटीपी के जरिए लॉगिन होगा। ऑनलाइन सलाह ली जा सकेगी। सवाल : इस प्लेटफॉर्म पर कौन-कौन सी कानूनी सेवाएं उपलब्ध हैं और इससे क्या लाभ होगा?
इस प्लेटफॉर्म पर आमजन के लिए संपत्ति विवाद, जमानत, वसीयतनामा और विभिन्न कानूनी दस्तावेजों की तैयारी जैसी सेवाएं उपलब्ध हैं। वहीं बिजनेस और स्टार्टअप के लिए कानूनी सलाह, ट्रेडमार्क, कंपनी रजिस्ट्रेशन तथा टैक्स रजिस्ट्रेशन से जुड़ी सुविधाएं भी दी जाती हैं। सवाल : वकीलों के लिए यह प्लेटफॉर्म कैसे लाभकारी है?
इसका उद्देश्य वकीलों को आधुनिक टेक्नोलॉजी से जोड़कर उनके काम को आसान और व्यवस्थित बनाना है। सवाल : दस्तावेज और व्यक्तिगत जानकारी कितनी सुरक्षित है?
पोर्टल पर अपलोड किए सभी दस्तावेज एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहते हैं। यूजर की जानकारी गोपनीय रहती है और संबंधित वकील तक ही सीमित होती है।


