सिरसा जिले की डबवाली मंडी स्थित मार्केट कमेटी के किसान भवन में विधिक माप विज्ञान विभाग की टीम ने रबी सीजन के लिए डिजिटल कांटों की जांच (कैलिब्रेशन) की। इस दौरान कच्चे आढ़तियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले इन कांटों को विभागीय सील लगाकर प्रमाणित किया गया। डिजिटल कांटों के साथ-साथ मैनुअल बांट और तराजू की भी जांच की गई। मानकों के अनुरूप पाए जाने पर उन्हें भी सील किया गया। बड़ी संख्या में आढ़तियों ने अपने कांटों और वजन की जांच करवाने के लिए मार्केट कमेटी के किसान भवन में उपस्थिति दर्ज कराई। डिजिटल कांटों का उपयोग किसान हित में : सतीश जग्गा इस अवसर पर चेयरमैन सतीश जग्गा ने कहा कि डिजिटल कांटों का उपयोग किसानों, मजदूरों और आढ़तियों सभी के हित में है। उन्होंने बताया कि सही तौल व्यवस्था से किसानों को उनकी फसल का पूरा मूल्य मिलता है, जबकि मजदूरों को उनके काम का उचित मेहनताना प्राप्त होता है। चेयरमैन जग्गा ने यह भी स्पष्ट किया कि डिजिटल कांटों के प्रयोग से तौल संबंधी विवादों की संभावना समाप्त हो जाती है, जिससे खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वास दोनों बढ़ते हैं। आढ़तियों से नियमों के अनुसार तौल करने का आह्वान उन्होंने मुख्य अनाज मंडी, सब-यार्डों और खरीद केंद्रों के सभी आढ़तियों से नियमों का पालन करते हुए केवल डिजिटल कांटों से ही तौल करवाने का आह्वान किया। विभागीय नियमों के अनुसार, डिजिटल मशीनों से तौल करना अनिवार्य है और पुराने तरीके अब मान्य नहीं होंगे। चेयरमैन सतीश जग्गा ने सभी आढ़तियों को सलाह दी कि वे अपने डिजिटल कांटों का समय-समय पर कैलिब्रेशन अवश्य करवाएं। यह सुनिश्चित करेगा कि खरीद कार्य पारदर्शी, निष्पक्ष और सुचारू रूप से संचालित हो सके।


