बक्सर पुलिस केंद्र में DIG ने किया परेड इंस्पेक्शन:प्रशिक्षुओं की समस्याएं सुनीं, कानून-व्यवस्था पर दिए जरुरी निर्देश

बक्सर पुलिस केंद्र में DIG ने किया परेड इंस्पेक्शन:प्रशिक्षुओं की समस्याएं सुनीं, कानून-व्यवस्था पर दिए जरुरी निर्देश

बक्सर में शाहाबाद रेंज के DIG सत्य प्रकाश और बक्सर के पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य (IPS) ने मंगलवार को पुलिस केंद्र, बक्सर में दैनिक रोल कॉल परेड का निरीक्षण किया। इस दौरान परेड में शामिल अधिकारियों और कर्मियों की उपस्थिति, अनुशासन तथा कर्तव्यनिष्ठा का गहन अवलोकन किया गया। डीआईजी ने सभी पुलिसकर्मियों को जनसेवा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्तव्य के प्रति सजग रहने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के क्रम में डीआईजी सत्य प्रकाश ने मालगोदाम, शस्त्रागार, बैरक, परेड ग्राउंड और वाहन शाखा सहित पुलिस लाइन के हर हिस्से का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने व्यवस्थाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण व्यवस्था, आवासीय सुविधाएं, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि जवानों को बेहतर वातावरण मिल सके। इस अवसर पर पुलिस जवानों ने डीआईजी को सलामी परेड दी। डीआईजी ने परेड की गुणवत्ता और अनुशासन की सराहना करते हुए जवानों का उत्साहवर्धन किया। आवश्यक संसाधनों की विस्तृत जानकारी ली इसके बाद, उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे जवानों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं, प्रशिक्षण के दौरान आने वाली कठिनाइयों तथा आवश्यक संसाधनों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने भोजन, रहने और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति के बारे में भी पूछा।डीआईजी सत्य प्रकाश ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस बल की मजबूती का आधार अनुशासन, वर्दी की गरिमा और कार्यशैली होती है। फील्ड नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षित किया गया उन्होंने जवानों को समयबद्धता, शारीरिक फिटनेस, शस्त्र संचालन में दक्षता तथा जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने की सीख दी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बेहतर प्रशिक्षण ही प्रभावी पुलिसिंग की नींव रखता है।डीआईजी ने बताया कि वर्तमान में प्रशिक्षुओं का 107 दिनों का प्रशिक्षण चल रहा है, जिसका आज निरीक्षण किया गया। इस प्रशिक्षण में जवानों को हथियार खोलना-बंद करना और पुनः लगाना, बीएनएस की धाराओं की जानकारी, आधुनिक भारत में पुलिस का महत्व, विधि-व्यवस्था और फील्ड नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षित किया गया है। जवानों की समस्याओं का तुरंत समाधान सुनिश्चित किया जाए उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण आगे भी जारी रहेगा। परेड के दौरान सामने आई कुछ त्रुटियों को सुधार के लिए बताया गया है। इसके साथ ही पुलिस सभा का आयोजन भी किया गया, जिसमें प्रशिक्षण के दौरान आने वाली समस्याओं पर चर्चा की गई। डीआईजी ने कहा कि जवानों के शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है, जो निरीक्षण के दौरान स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जवानों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे पूरे मनोयोग से प्रशिक्षण लेकर भविष्य में बेहतर सेवा दे सकें। बक्सर में शाहाबाद रेंज के DIG सत्य प्रकाश और बक्सर के पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य (IPS) ने मंगलवार को पुलिस केंद्र, बक्सर में दैनिक रोल कॉल परेड का निरीक्षण किया। इस दौरान परेड में शामिल अधिकारियों और कर्मियों की उपस्थिति, अनुशासन तथा कर्तव्यनिष्ठा का गहन अवलोकन किया गया। डीआईजी ने सभी पुलिसकर्मियों को जनसेवा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्तव्य के प्रति सजग रहने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के क्रम में डीआईजी सत्य प्रकाश ने मालगोदाम, शस्त्रागार, बैरक, परेड ग्राउंड और वाहन शाखा सहित पुलिस लाइन के हर हिस्से का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने व्यवस्थाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण व्यवस्था, आवासीय सुविधाएं, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि जवानों को बेहतर वातावरण मिल सके। इस अवसर पर पुलिस जवानों ने डीआईजी को सलामी परेड दी। डीआईजी ने परेड की गुणवत्ता और अनुशासन की सराहना करते हुए जवानों का उत्साहवर्धन किया। आवश्यक संसाधनों की विस्तृत जानकारी ली इसके बाद, उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे जवानों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं, प्रशिक्षण के दौरान आने वाली कठिनाइयों तथा आवश्यक संसाधनों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने भोजन, रहने और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति के बारे में भी पूछा।डीआईजी सत्य प्रकाश ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस बल की मजबूती का आधार अनुशासन, वर्दी की गरिमा और कार्यशैली होती है। फील्ड नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षित किया गया उन्होंने जवानों को समयबद्धता, शारीरिक फिटनेस, शस्त्र संचालन में दक्षता तथा जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने की सीख दी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बेहतर प्रशिक्षण ही प्रभावी पुलिसिंग की नींव रखता है।डीआईजी ने बताया कि वर्तमान में प्रशिक्षुओं का 107 दिनों का प्रशिक्षण चल रहा है, जिसका आज निरीक्षण किया गया। इस प्रशिक्षण में जवानों को हथियार खोलना-बंद करना और पुनः लगाना, बीएनएस की धाराओं की जानकारी, आधुनिक भारत में पुलिस का महत्व, विधि-व्यवस्था और फील्ड नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षित किया गया है। जवानों की समस्याओं का तुरंत समाधान सुनिश्चित किया जाए उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण आगे भी जारी रहेगा। परेड के दौरान सामने आई कुछ त्रुटियों को सुधार के लिए बताया गया है। इसके साथ ही पुलिस सभा का आयोजन भी किया गया, जिसमें प्रशिक्षण के दौरान आने वाली समस्याओं पर चर्चा की गई। डीआईजी ने कहा कि जवानों के शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है, जो निरीक्षण के दौरान स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जवानों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे पूरे मनोयोग से प्रशिक्षण लेकर भविष्य में बेहतर सेवा दे सकें।  

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