औरंगाबाद में दीदी की रसोई एक्सप्रेस के माध्यम से लोगों को किफायती दर पर शुद्ध और पौष्टिक भोजन मुहैया कराया जा रहा है। यह योजना जीविका समूह से जुड़ी महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। समृद्धि यात्रा के चौथे चरण के अंतर्गत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने औरंगाबाद जिले के बारुण प्रखंड स्थित मुंशी बिगहा में जीविका “दीदी की रसोई एक्सप्रेस” फूड ट्रक का विधिवत उद्घाटन किया था । इस अवसर पर उन्होंने फूड ट्रक की अवधारणा, संचालन व्यवस्था और इससे जुड़ी संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की थी। दीदी की रसोई एक्सप्रेस फूड ट्रक योजना का उद्देश्य जीविका से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान करना है। इस पहल के माध्यम से शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं अब शुद्ध, पौष्टिक और किफायती भोजन लोगों को मुहैया कराया जाएगा। शहरों में भी सार्वजनिक स्थलों और पर्यटन स्थलों तक दीदी का रसोई एक्सप्रेस लोगों को किफायती खाना पहुंचा सकेंगी। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी मजबूती मिलेगी। जीविका दीदी का काम सराहनीय डीएम अभिलाषा शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए लगातार प्रयासरत है और जीविका दीदियों की ओर से किया जा रहा काम सराहनीय है। उन्होंने इस पहल को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम बताया। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की योजनाएं महिलाओं को उद्यमिता की ओर प्रेरित करती हैं और रोजगार के नए अवसर सृजित करती हैं।फूड ट्रक में तैयार किए जाने वाले व्यंजन स्थानीय स्वाद और पोषण को ध्यान में रखते हुए बनाए जाएंगे, जिससे आम लोगों को गुणवत्तापूर्ण और सस्ता भोजन उपलब्ध हो सके। यह पहल खासकर उन क्षेत्रों में उपयोगी साबित होगी, जहां लोगों को स्वच्छ और सुलभ भोजन की सुविधा आसानी से नहीं मिल पाती। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत एक स्टॉल जिला के सदर प्रखंड अंतर्गत कनबेहरी तालाब के पास भी लगाया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सके। उल्लेखनीय है कि “दीदी की रसोई” पहले से ही अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर संचालित होकर लोगों को सस्ती दरों पर भोजन उपलब्ध करा रही है। अब फूड ट्रक के रूप में इसका विस्तार नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा।इस पहल से जीविका दीदियों को अपने उत्पादों के विपणन के लिए बेहतर मंच मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। साथ ही, यह योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और राज्य के समग्र विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। औरंगाबाद में दीदी की रसोई एक्सप्रेस के माध्यम से लोगों को किफायती दर पर शुद्ध और पौष्टिक भोजन मुहैया कराया जा रहा है। यह योजना जीविका समूह से जुड़ी महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। समृद्धि यात्रा के चौथे चरण के अंतर्गत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने औरंगाबाद जिले के बारुण प्रखंड स्थित मुंशी बिगहा में जीविका “दीदी की रसोई एक्सप्रेस” फूड ट्रक का विधिवत उद्घाटन किया था । इस अवसर पर उन्होंने फूड ट्रक की अवधारणा, संचालन व्यवस्था और इससे जुड़ी संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की थी। दीदी की रसोई एक्सप्रेस फूड ट्रक योजना का उद्देश्य जीविका से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान करना है। इस पहल के माध्यम से शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं अब शुद्ध, पौष्टिक और किफायती भोजन लोगों को मुहैया कराया जाएगा। शहरों में भी सार्वजनिक स्थलों और पर्यटन स्थलों तक दीदी का रसोई एक्सप्रेस लोगों को किफायती खाना पहुंचा सकेंगी। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी मजबूती मिलेगी। जीविका दीदी का काम सराहनीय डीएम अभिलाषा शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए लगातार प्रयासरत है और जीविका दीदियों की ओर से किया जा रहा काम सराहनीय है। उन्होंने इस पहल को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम बताया। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की योजनाएं महिलाओं को उद्यमिता की ओर प्रेरित करती हैं और रोजगार के नए अवसर सृजित करती हैं।फूड ट्रक में तैयार किए जाने वाले व्यंजन स्थानीय स्वाद और पोषण को ध्यान में रखते हुए बनाए जाएंगे, जिससे आम लोगों को गुणवत्तापूर्ण और सस्ता भोजन उपलब्ध हो सके। यह पहल खासकर उन क्षेत्रों में उपयोगी साबित होगी, जहां लोगों को स्वच्छ और सुलभ भोजन की सुविधा आसानी से नहीं मिल पाती। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत एक स्टॉल जिला के सदर प्रखंड अंतर्गत कनबेहरी तालाब के पास भी लगाया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सके। उल्लेखनीय है कि “दीदी की रसोई” पहले से ही अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर संचालित होकर लोगों को सस्ती दरों पर भोजन उपलब्ध करा रही है। अब फूड ट्रक के रूप में इसका विस्तार नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा।इस पहल से जीविका दीदियों को अपने उत्पादों के विपणन के लिए बेहतर मंच मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। साथ ही, यह योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और राज्य के समग्र विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।


