सहरसा में डायल-112 वाहन से टक्कर, ASI-चालक पर केस:नशे में ड्यूटी करने-सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप, ड्राइवर के कबूलनामे पर मालिक ने किया विरोध

सहरसा में डायल-112 वाहन से टक्कर, ASI-चालक पर केस:नशे में ड्यूटी करने-सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप, ड्राइवर के कबूलनामे पर मालिक ने किया विरोध

सहरसा में डायल-112 पुलिस वाहन से जुड़ी एक गंभीर घटना सामने आई है। ड्यूटी पर तैनात एक सहायक निरीक्षक (एएसआई) और चालक पर नशे की हालत में वाहन चलाने, सार्वजनिक स्थान पर हंगामा होने देने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। बनगांव थाना में थानाध्यक्ष हरिश्चंद्र ठाकुर के लिखित बयान के आधार पर दर्ज हुई। शनिवार की शाम मामले पुष्टि हुई है। 2 मार्च की शाम डीबी रोड मछली मार्केट निवासी अधिवक्ता लुकमान अली ने बनगांव थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि बरियाही बाजार में डायल-112 की पुलिस गाड़ी ने उनकी कार को टक्कर मार दी,जिससे उनकी कार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। चालक ने शराब पीने की बात की स्वीकार घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने डायल-112 की ईआरवी-1 टीम को तत्काल थाना बुलाया। टीम में पदाधिकारी एएसआई ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह और चालक कौशल कुमार ठाकुर शामिल थे।थानाध्यक्ष के अनुसार, पूछताछ के दौरान चालक कौशल कुमार ठाकुर ने स्वीकार किया कि उसने थोड़ी मात्रा में शराब का सेवन किया था। उसने बताया कि वाहन को पीछे करते समय सड़क किनारे खड़ी कार को हल्का धक्का लग गया था। मालिक ने पुलिस वाहन के पास पहुंचकर की शिकायत चालक के कबूलनामे के बाद कार मालिक ने इसका विरोध किया और पुलिस वाहन के पास पहुंचकर शिकायत की। इस दौरान बरियाही बाजार में काफी देर तक हंगामा होता रहा और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। मामले की जांच के दौरान आरोप है कि ईआरवी-1 के पदाधिकारी ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह थाना परिसर से पीछे की ओर निकल गए और देर रात तक उनका पता नहीं चल सका। वहीं, चालक कौशल कुमार ठाकुर को पुलिस ने नशे की हालत में पाया। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में उसे चिकित्सकीय जांच के लिए जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल, भागलपुर भेजा गया। अगले दिन 3 मार्च की सुबह करीब छह बजे एएसआई ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह थाना पहुंचे, जिसके बाद उन्हें भी मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया। थानाध्यक्ष हरिश्चंद्र ठाकुर ने बताया कि ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में रहना, बिना सूचना के गायब होना, सार्वजनिक स्थान पर कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न करना और सरकारी कार्य में बाधा डालना गंभीर अपराध है। सहरसा में डायल-112 पुलिस वाहन से जुड़ी एक गंभीर घटना सामने आई है। ड्यूटी पर तैनात एक सहायक निरीक्षक (एएसआई) और चालक पर नशे की हालत में वाहन चलाने, सार्वजनिक स्थान पर हंगामा होने देने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। बनगांव थाना में थानाध्यक्ष हरिश्चंद्र ठाकुर के लिखित बयान के आधार पर दर्ज हुई। शनिवार की शाम मामले पुष्टि हुई है। 2 मार्च की शाम डीबी रोड मछली मार्केट निवासी अधिवक्ता लुकमान अली ने बनगांव थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि बरियाही बाजार में डायल-112 की पुलिस गाड़ी ने उनकी कार को टक्कर मार दी,जिससे उनकी कार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। चालक ने शराब पीने की बात की स्वीकार घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने डायल-112 की ईआरवी-1 टीम को तत्काल थाना बुलाया। टीम में पदाधिकारी एएसआई ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह और चालक कौशल कुमार ठाकुर शामिल थे।थानाध्यक्ष के अनुसार, पूछताछ के दौरान चालक कौशल कुमार ठाकुर ने स्वीकार किया कि उसने थोड़ी मात्रा में शराब का सेवन किया था। उसने बताया कि वाहन को पीछे करते समय सड़क किनारे खड़ी कार को हल्का धक्का लग गया था। मालिक ने पुलिस वाहन के पास पहुंचकर की शिकायत चालक के कबूलनामे के बाद कार मालिक ने इसका विरोध किया और पुलिस वाहन के पास पहुंचकर शिकायत की। इस दौरान बरियाही बाजार में काफी देर तक हंगामा होता रहा और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। मामले की जांच के दौरान आरोप है कि ईआरवी-1 के पदाधिकारी ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह थाना परिसर से पीछे की ओर निकल गए और देर रात तक उनका पता नहीं चल सका। वहीं, चालक कौशल कुमार ठाकुर को पुलिस ने नशे की हालत में पाया। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में उसे चिकित्सकीय जांच के लिए जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल, भागलपुर भेजा गया। अगले दिन 3 मार्च की सुबह करीब छह बजे एएसआई ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह थाना पहुंचे, जिसके बाद उन्हें भी मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया। थानाध्यक्ष हरिश्चंद्र ठाकुर ने बताया कि ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में रहना, बिना सूचना के गायब होना, सार्वजनिक स्थान पर कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न करना और सरकारी कार्य में बाधा डालना गंभीर अपराध है।  

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