Diabetes Early Signs: आजकल डायबिटीज पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ रही है। भारत में ही 10 करोड़ से ज्यादा लोग डायबिटीज के साथ जी रहे हैं। मतलब हर 100 में से करीब 11 लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं। सबसे बड़ी समस्या ये है कि कई लोगों को सालों तक पता ही नहीं चलता कि उन्हें डायबिटीज है, क्योंकि इसके लक्षण शुरू में बहुत हल्के होते हैं।
टाइप 2 डायबिटीज अचानक नहीं होती। यह धीरे-धीरे बढ़ती है। अगर समय रहते पहचान हो जाए तो इसे टाला या देर से लाया जा सकता है। इसलिए अपनी बॉडी के संकेतों को समझना बहुत जरूरी है।
कब सतर्क हो जाएं?
कुछ ऐसे लक्षण हैं जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। जैसे बगल या गर्दन के आसपास की त्वचा का काला पड़ जाना। उन्हीं जगहों पर छोटे-छोटे स्किन टैग्स निकलना, पहले से ज्यादा भूख लगना, बिना कोशिश के वजन कम या ज्यादा होना, हर समय कमजोरी या थकान महसूस होना। साथ ही ज्यादा पसीना आना, नजर धुंधली होना, घाव या चोट का देर से भरना, बार-बार स्किन इन्फेक्शन होना, मसूड़ों से खून आना शामिल हैअगर इनमें से कई लक्षण आपको महसूस हो रहे हैं, तो डॉक्टर से जांच कराना सही रहेगा।
किन लोगों को ज्यादा खतरा?
कुछ लोगों में डायबिटीज का रिस्क ज्यादा होता है। जैसे जिनकी उम्र 45 साल से ज्यादा है। जो बहुत कम शारीरिक गतिविधि करते हैं, जिन्हें मोटापा है। जिनको हाई ब्लड प्रेशर है। जिनको पहले प्रीडायबिटीज या गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज हो चुकी है। जिनके माता-पिता या भाई-बहन को टाइप 2 डायबिटीज है। अगर परिवार में किसी को डायबिटीज है, तो आपका खतरा अपने आप बढ़ जाता है।
डायबिटीज की जांच कैसे होती है?
डायबिटीज की पक्की पहचान सिर्फ ब्लड टेस्ट से ही होती है। एक टेस्ट होता है A1C, जो पिछले 2–3 महीनों का औसत शुगर लेवल बताता है। दूसरा है फास्टिंग ब्लड शुगर टेस्ट, जिसमें रात भर खाली पेट रहने के बाद शुगर चेक की जाती है। घर पर कोई भी क्विज या रिस्क टेस्ट आपको अंदाजा दे सकता है, लेकिन सही डायग्नोसिस डॉक्टर ही करेंगे।
बचाव कैसे करें?
- अच्छी बात ये है कि टाइप 2 डायबिटीज को काफी हद तक रोका जा सकता है।
- रोज कम से कम 30 मिनट तेज चलना या एक्सरसाइज करें
- हफ्ते में कम से कम 5 दिन एक्टिव रहें
- वजन कंट्रोल में रखें
- मीठा, जंक फूड और प्रोसेस्ड चीजें कम खाएं
- फल, सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन वाली चीजें ज्यादा लें


