किशनगंज में रंगों की धूम:शहर-गांव में पारंपरिक होली, बाजारों में खरीदारी की भीड़, डीजे पर रोक व सीमा 72 घंटे सील

किशनगंज में रंगों की धूम:शहर-गांव में पारंपरिक होली, बाजारों में खरीदारी की भीड़, डीजे पर रोक व सीमा 72 घंटे सील

किशनगंज में होली का त्योहार पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लोग एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर पर्व का आनंद ले रहे हैं। कुछ स्थानों पर पारंपरिक रूप से कपड़े फाड़कर और कीचड़ में होली खेलने की परंपरा भी जारी है। किशनगंज शहर में सुबह से ही युवा और बच्चे रंगों में सराबोर दिखे। रोल बाग, खगड़ा, धर्मगंज और रेलवे कॉलोनी जैसे प्रमुख बाजारों में रंग-गुलाल, पिचकारियों और गुब्बारों की जमकर खरीदारी हुई। गांवों में लोग पारंपरिक तरीकों से होली खेल रहे
ग्रामीण क्षेत्रों में भी होली का उत्साह चरम पर है। गांवों में लोग पारंपरिक तरीकों से होली खेल रहे हैं, जिसमें कीचड़ होली जैसी स्थानीय शैलियाँ भी शामिल हैं। कई स्थानों पर महिलाएं और पुरुष बिहारी अंदाज में गीत गाते और नाचते हुए त्योहार का जश्न मना रहे हैं। प्रशासन ने होली को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। डीजे के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है और जिले की सीमा को 72 घंटे के लिए सील कर दिया गया है। एक नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय है, जिससे सुरक्षा का माहौल बना हुआ है और लोग भाईचारे के साथ उत्सव मना रहे हैं। किशनगंज में होली का त्योहार पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लोग एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर पर्व का आनंद ले रहे हैं। कुछ स्थानों पर पारंपरिक रूप से कपड़े फाड़कर और कीचड़ में होली खेलने की परंपरा भी जारी है। किशनगंज शहर में सुबह से ही युवा और बच्चे रंगों में सराबोर दिखे। रोल बाग, खगड़ा, धर्मगंज और रेलवे कॉलोनी जैसे प्रमुख बाजारों में रंग-गुलाल, पिचकारियों और गुब्बारों की जमकर खरीदारी हुई। गांवों में लोग पारंपरिक तरीकों से होली खेल रहे
ग्रामीण क्षेत्रों में भी होली का उत्साह चरम पर है। गांवों में लोग पारंपरिक तरीकों से होली खेल रहे हैं, जिसमें कीचड़ होली जैसी स्थानीय शैलियाँ भी शामिल हैं। कई स्थानों पर महिलाएं और पुरुष बिहारी अंदाज में गीत गाते और नाचते हुए त्योहार का जश्न मना रहे हैं। प्रशासन ने होली को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। डीजे के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है और जिले की सीमा को 72 घंटे के लिए सील कर दिया गया है। एक नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय है, जिससे सुरक्षा का माहौल बना हुआ है और लोग भाईचारे के साथ उत्सव मना रहे हैं।  

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