धनबाद साइबर क्राइम थाना ने डिजिटल अरेस्ट कर 10.50 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मध्य प्रदेश के भोपाल से पकड़े गए आरोपी की पहचान अरुण अहिरवार (26) के रूप में हुई है। वह विदिशा जिले का स्थायी निवासी है और वर्तमान में भोपाल में रह रहा था। मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने की धमकी दी थी यह मामला 8 जनवरी 2026 का है। टुंडी थाना क्षेत्र के रतनपुर निवासी 73 वर्षीय सेबेस्टियन होरो को अज्ञात साइबर अपराधियों ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल किया था। कॉल करने वालों ने खुद को ईडी और सीबीआई अधिकारी बताया और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी दी। उन्होंने पीड़ित को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर कुल 10 लाख 50 हजार रुपए विभिन्न फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए, धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर थाना प्रभारी रविकांत प्रसाद के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी अनुसंधान और बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई की। इसी के तहत पुलिस टीम ने भोपाल पहुंचकर खाताधारक आरोपी अरुण अहिरवार को गिरफ्तार किया। एक मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी अरुण अहिरवार ने फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर कंपनी के नाम पर चालू खाता और अपने नाम पर बचत खाते खुलवाए थे। ठगी गई कुल राशि में से 5 लाख 50 हजार रुपए उसके खातों में आए थे। इसमें से 5 लाख रुपए उसने चेक के जरिए निकालकर अपने सहयोगियों में बांट दिए। पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किया है। पुलिस इस पूरे साइबर ठगी नेटवर्क की आगे की जांच कर रही है।


